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ईरान-इजरायल युद्ध का असर भीलवाड़ा की टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर, 90 हजार करोड़ का कारोबार संकट में

ईरान-इजरायल युद्ध का असर भीलवाड़ा की टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर, 90 हजार करोड़ का कारोबार संकट में
 
ईरान-इजरायल युद्ध का असर भीलवाड़ा की टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर, 90 हजार करोड़ का कारोबार संकट में

राजस्थान की कपड़ा नगरी भीलवाड़ा, जिसे एशिया का मैनचेस्टर भी कहा जाता है, इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी ईरान-इजरायल संघर्ष का सीधा असर यहां की विशाल टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर देखने को मिल रहा है।

करीब 80 से 90 हजार करोड़ रुपये के कारोबार वाली यह इंडस्ट्री पिछले कई दशकों में पहली बार इतने बड़े दबाव का सामना कर रही है। उद्योग से जुड़े कारोबारियों के अनुसार, सप्लाई चेन प्रभावित होने और कच्चे माल की आपूर्ति बाधित होने से उत्पादन पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

सूत्रों के मुताबिक, उद्योगपतियों के पास फिलहाल केवल एक से दो सप्ताह का ही कच्चा माल शेष बचा है, जिससे आने वाले दिनों में उत्पादन ठप होने का खतरा बढ़ गया है। अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो कई इकाइयों में कामकाज पर बड़ा असर पड़ सकता है।

भीलवाड़ा की यह इंडस्ट्री करीब 100 साल पुरानी मानी जाती है और देश की टेक्सटाइल अर्थव्यवस्था में इसका अहम योगदान है। लेकिन मौजूदा वैश्विक तनाव ने पहली बार इस सेक्टर को इतने गंभीर संकट की स्थिति में ला खड़ा किया है।

उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और लॉजिस्टिक्स बाधाओं के कारण सप्लाई चेन पूरी तरह प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर उत्पादन लागत और निर्यात पर भी पड़ रहा है।

व्यापारिक संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि कच्चे माल की आपूर्ति सुचारू बनी रहे और उद्योग को नुकसान से बचाया जा सके। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो हजारों श्रमिकों की आजीविका पर भी असर पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव की यह आंच अब राजस्थान की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले भीलवाड़ा के टेक्सटाइल सेक्टर तक पहुंच गई है, जिससे उद्योग जगत में चिंता बढ़ गई है।