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जयपुर में IPL सट्टेबाजी रैकेट का खुलासा: वीडियो में जाने ZOOM ऐप से चल रहा था करोड़ों का ऑनलाइन खेल, 5 सटोरिए गिरफ्तार

जयपुर में IPL सट्टेबाजी रैकेट का खुलासा: वीडियो में जाने ZOOM ऐप से चल रहा था करोड़ों का ऑनलाइन खेल, 5 सटोरिए गिरफ्तार
 
जयपुर में IPL सट्टेबाजी रैकेट का खुलासा: वीडियो में जाने ZOOM ऐप से चल रहा था करोड़ों का ऑनलाइन खेल, 5 सटोरिए गिरफ्तार

राजस्थान की राजधानी जयपुर में आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 सटोरियों को गिरफ्तार किया है। सीएसटी जयपुर और चौमूं थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दबिश देकर इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपए के सट्टे का हिसाब-किताब, मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी बेहद संगठित तरीके से ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क चला रहे थे। आरोपी ग्राहकों को Zoom ऐप के माध्यम से आईडी और पासवर्ड उपलब्ध करवाते थे, जिसके जरिए लोग आईपीएल मैचों पर दांव लगाते थे।

40 फीसदी कमीशन पर चल रहा था खेल

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी सट्टेबाजी कराने के बदले करीब 40 प्रतिशत तक कमीशन लेते थे। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपए के लेनदेन के संकेत मिले हैं। पुलिस को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से कई महत्वपूर्ण डेटा और रिकॉर्ड भी मिले हैं, जिन्हें खंगाला जा रहा है।सूत्रों के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टा संचालित कर रहे थे। आईपीएल मैचों के दौरान यह नेटवर्क सक्रिय हो जाता था और बड़ी संख्या में लोगों को जोड़कर ऑनलाइन दांव लगवाए जाते थे।

अलग-अलग इलाकों में दी गई दबिश

पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर जयपुर और चौमूं क्षेत्र में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान आरोपी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए लाइव मैचों पर सट्टा संचालित करते मिले। मौके से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट और दस्तावेज जब्त किए गए।पुलिस का कहना है कि बरामद रिकॉर्ड से नेटवर्क के अन्य सदस्यों और ग्राहकों की जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

ऑनलाइन ऐप्स के जरिए बढ़ रहा सट्टे का कारोबार

जांच अधिकारियों का कहना है कि अब सट्टेबाज पारंपरिक तरीकों की बजाय ऑनलाइन ऐप्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे पुलिस के लिए नेटवर्क तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। आरोपी सोशल मीडिया और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप्स का उपयोग कर ग्राहकों को जोड़ते थे।विशेषज्ञों के अनुसार, आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी का कारोबार तेजी से बढ़ जाता है। इसमें बड़ी रकम का लेनदेन होता है और कई बार यह नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर तक फैला होता है।

नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। साथ ही बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस ने साफ किया है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।