PWD के क्वालिटी कंट्रोल विंग में 15 लाख के गबन की जांच तेज, फुटेज में जाने प्राइवेट कर्मचारी के बयान से बढ़ी हलचल
सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के क्वालिटी कंट्रोल विंग में सामने आए करीब 15 लाख रुपए के कथित गबन मामले की जांच तेज हो गई है। विभागीय स्तर पर गठित जांच टीम लगातार दस्तावेजों और संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। मामले में एक प्राइवेट कर्मचारी के बयान के बाद जांच नए मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है।
चीफ इंजीनियर के निर्देश पर जांच जारी
सूत्रों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ इंजीनियर (क्वालिटी कंट्रोल) कपिल वर्मा के निर्देश पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। जांच टीम वित्तीय लेन-देन, ई-ग्रास चालानों और संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है।
प्राइवेट कर्मचारी कुलदीप से हुई पूछताछ
PWD सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान प्राइवेट कर्मचारी कुलदीप से भी पूछताछ की गई। कुलदीप ने कथित तौर पर जांच टीम को बताया कि उसने विभागीय अधिकारी के निर्देश पर ई-ग्रास चालान तैयार किए थे।उसने यह भी दावा किया कि चालानों से संबंधित राशि ठेकेदारों से उसके बैंक खाते में ऑनलाइन जमा करवाई गई थी। इसके अलावा कुछ रकम नकद रूप में भी प्राप्त हुई थी।
अधिकारी के निर्देश का किया दावा
पूछताछ में कुलदीप ने यह भी बताया कि जिन वित्तीय प्रक्रियाओं में उसका नाम सामने आया है, वे संबंधित अधिकारी के कहने पर ही की गई थीं। उसके अनुसार, ठेकेदारों से राशि जमा करवाने और अन्य व्यवस्थाओं में भी उसे निर्देश दिए जाते थे।
किराए की गाड़ी को लेकर भी खुलासा
सूत्रों के अनुसार, कुलदीप ने जांच टीम को यह भी बताया कि क्वालिटी कंट्रोल विंग में किराए पर लगी उसकी गाड़ी की व्यवस्था भी उसी अधिकारी द्वारा करवाई गई थी। जांच एजेंसियां अब इस दावे की भी पड़ताल कर रही हैं और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रही जांच टीम
मामले में बैंक खातों, ई-ग्रास चालानों और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि कथित गबन की राशि किन माध्यमों से जमा हुई और उसका उपयोग किस प्रकार किया गया।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल विभागीय जांच जारी है और अभी तक किसी अधिकारी या कर्मचारी को दोषी घोषित नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारी तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।यह मामला सामने आने के बाद विभाग में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे पूरे प्रकरण की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
