करौली में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से मासूम की मौत! कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश
राजस्थान के करौली जिले में कथित झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही के चलते एक मासूम बच्चे की मौत का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में भारी रोष व्याप्त है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों ने दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
आरोप है कि बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए एक निजी क्लीनिक ले जाया गया, जहां कथित झोलाछाप डॉक्टर ने इलाज किया। उपचार के दौरान बच्चे की हालत और गंभीर हो गई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
इलाज के दौरान बिगड़ी तबीयत
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने बिना पर्याप्त जांच और विशेषज्ञता के बच्चे का इलाज शुरू कर दिया। गलत उपचार और लापरवाही के कारण मासूम की हालत लगातार बिगड़ती गई। जब तक उसे किसी बड़े अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
घटना के बाद परिवार ने इसे चिकित्सकीय लापरवाही का मामला बताते हुए प्रशासन से न्याय की मांग की है।
कार्रवाई नहीं होने से बढ़ा गुस्सा
मासूम की मौत के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों और परिजनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे अवैध क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषी के खिलाफ मामला दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय झोलाछाप चिकित्सकों और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई इलाकों में बिना मान्यता और आवश्यक योग्यता के लोग चिकित्सा सेवाएं देने का काम कर रहे हैं, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों पर सख्त निगरानी और नियमित जांच अभियान चलाने की आवश्यकता है।
जांच की मांग
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चे की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किस स्तर तक लापरवाही बरती गई।
अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई की मांग
घटना के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की मांग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मासूम की मौत से सबक लेते हुए प्रशासन को ऐसे मामलों पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
