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जयपुर एयरपोर्ट पर इंडिगो की फ्लाइट की पहली लैंडिंग नाकाम, रनवे छूते ही पायलट ने किया गो-अराउंड; 140 यात्री थे सवार

जयपुर एयरपोर्ट पर इंडिगो की फ्लाइट की पहली लैंडिंग नाकाम, रनवे छूते ही पायलट ने किया गो-अराउंड; 140 यात्री थे सवार
 
जयपुर एयरपोर्ट पर इंडिगो की फ्लाइट की पहली लैंडिंग नाकाम, रनवे छूते ही पायलट ने किया गो-अराउंड; 140 यात्री थे सवार

जयपुर एयरपोर्ट पर शुक्रवार को इंदौर से आ रही इंडिगो की फ्लाइट को पहली कोशिश में लैंडिंग नहीं कराई जा सकी। विमान के रनवे को छूते ही पायलट ने गो-अराउंड प्रक्रिया अपनाई और विमान को दोबारा हवा में उठा लिया। इसके बाद करीब 17 मिनट तक आसमान में चक्कर लगाने के बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। फ्लाइट में 140 यात्री सवार थे। घटना के दौरान यात्रियों में कुछ देर के लिए चिंता की स्थिति बन गई, हालांकि विमान में सवार सभी लोग सुरक्षित रहे।जानकारी के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट 6E-7136 शुक्रवार दोपहर इंदौर से जयपुर पहुंची थी। विमान को दोपहर करीब 1:15 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर उतरना था। हालांकि, फ्लाइट तय समय से पहले ही दोपहर करीब 1:13 बजे एयरपोर्ट पहुंच गई। इसके बाद पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क कर लैंडिंग की अनुमति ली और विमान को रनवे की ओर लाया गया।

रनवे टच करते ही पायलट ने लिया गो-अराउंड का फैसला

लैंडिंग के दौरान पायलट को विमान की अप्रोच अस्थिर महसूस हुई। विमान जिस स्थिति और कोण से रनवे की ओर आ रहा था, वह सुरक्षित लैंडिंग के लिए उपयुक्त नहीं था। ऐसे में पायलट ने जोखिम लेने के बजाय गो-अराउंड प्रक्रिया अपनाने का फैसला किया।गो-अराउंड विमानन क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली एक सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया है। इसमें यदि पायलट को लगता है कि विमान की लैंडिंग सुरक्षित तरीके से नहीं हो पाएगी, तो वह विमान को दोबारा हवा में ले जाता है। इसके बाद स्थिति का आकलन करके फिर से लैंडिंग की कोशिश की जाती है।इस घटना में भी विमान के रनवे को छूने के बाद पायलट ने दोबारा उड़ान भर ली। इसके बाद विमान कुछ समय तक हवा में रहा और दूसरी कोशिश में लैंडिंग की तैयारी की गई।

करीब 17 मिनट बाद सुरक्षित उतरा विमान

एयरलाइन सूत्रों के अनुसार, पायलट की अनस्टेबल अप्रोच के कारण पहली बार विमान की लैंडिंग नहीं हो सकी थी। गो-अराउंड के बाद विमान ने आसमान में चक्कर लगाए और दोपहर करीब 1:30 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग कर ली।इस दौरान विमान में 140 यात्री सवार थे। दूसरी कोशिश में विमान के सुरक्षित उतरने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। घटना में किसी यात्री के घायल होने या विमान को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने नहीं आई है।

क्या होती है अनस्टेबल अप्रोच?

विमान की लैंडिंग से पहले पायलट को विमान की ऊंचाई, गति, दिशा और नीचे उतरने के कोण को नियंत्रित रखना होता है। यदि इनमें से कोई भी स्थिति निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं होती, तो उसे अनस्टेबल अप्रोच कहा जाता है।ऐसी स्थिति में पायलट लैंडिंग की कोशिश जारी रखने के बजाय गो-अराउंड का विकल्प चुन सकता है। विमानन सुरक्षा में इसे एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जाता है। जयपुर एयरपोर्ट पर शुक्रवार को हुई घटना में भी पायलट ने इसी सुरक्षा प्रक्रिया का इस्तेमाल करते हुए विमान को दोबारा हवा में उठाया और बाद में सुरक्षित लैंडिंग कराई।