Aapka Rajasthan

भारत को मिलेगा आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र! देश में ही बनाए जाएंगे Warships, 500 से ज्यादा वस्तुएं होंगी घरेलू निर्माण से तैयार

 
भारत को मिलेगा आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र! देश में ही बनाए जाएंगे Warships, 500 से ज्यादा वस्तुएं होंगी घरेलू निर्माण से तैयार

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को एनडीटीवी डिफेंस समिट में कहा कि भारत अब सिर्फ़ ख़रीदार नहीं, निर्यातक भी बन गया है। वर्ष 2014 में रक्षा निर्यात 700 करोड़ रुपये से भी कम था, जो आज बढ़कर 24 हज़ार करोड़ रुपये हो गया है। भारत की भविष्य की चुनौतियों और तैयारियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक हमने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कई सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियाँ जारी की हैं। यह निर्णय लिया गया है कि 5500 से ज़्यादा ऐसी वस्तुएँ अब आयात नहीं की जाएँगी, बल्कि एक निश्चित समय सीमा के भीतर भारत में ही बनाई जाएँगी।

भारत अब ख़रीदार नहीं, निर्यातक बन गया है - राजनाथ सिंह

रक्षा निर्यात पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि 2014 में जहाँ हमारा निर्यात 700 करोड़ रुपये से भी कम था, वहीं आज यह बढ़कर लगभग 24,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। यह दर्शाता है कि भारत अब सिर्फ़ ख़रीदार नहीं, बल्कि निर्यातक बन रहा है।

"जो वस्तुएँ पहले आयात की जाती थीं, अब स्वदेश में निर्मित हो रही हैं"
रक्षा मंत्री ने कहा, "आपको यह जानकर खुशी होगी कि अब तक 3000 से ज़्यादा वस्तुएँ, जो पहले आयात की जाती थीं, अब भारत में स्वदेश में निर्मित हो रही हैं। युद्धपोतों के निर्माण में भी, अब हम पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो गए हैं। मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब हम अपने सभी युद्धपोतों का निर्माण अपने देश में और अपनी धरती पर कर रहे हैं।"

यह है नए भारत की तस्वीर - रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री के अनुसार, "आज भारत ने 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का घरेलू रक्षा उत्पादन हासिल कर लिया है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। बड़ी बात यह है कि इसमें एक चौथाई योगदान निजी क्षेत्र का है। यह उपलब्धि सिर्फ़ एक तथ्य नहीं, बल्कि उभरते हुए नए भारत की तस्वीर है।"