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करौली जिले के इस गाँव में एक बूँद पानी के लिए तरस रहे 154 परिवार, 2 सालों से नहीं पहुंचा जीवन मिशन का पानी

करौली जिले के इस गाँव में एक बूँद पानी के लिए तरस रहे 154 परिवार, 2 सालों से नहीं पहुंचा जीवन मिशन का पानी
 
करौली जिले के इस गाँव में एक बूँद पानी के लिए तरस रहे 154 परिवार, 2 सालों से नहीं पहुंचा जीवन मिशन का पानी

राजस्थान सरकार जल जीवन मिशन (JJM) को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है। इस स्कीम में गांव के इलाकों में नल का पानी पहुंचाने का वादा किया गया है, लेकिन राज्य के कई इलाके अभी भी इसकी पहुंच से बाहर हैं। करौली जिले के मंडरायल ब्लॉक के अलवतकी और राहिर गांव आज भी साफ पीने के पानी के लिए जूझ रहे हैं। यहां के 154 परिवार पिछले दो साल से पीने के पानी की दिक्कत का सामना कर रहे हैं। परेशान गांववालों ने डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को मेमोरेंडम देकर तुरंत पानी सप्लाई की मांग की है।

दो साल से पानी की सप्लाई नहीं
गांववालों का आरोप है कि गांव में दो साल से पानी की एक बूंद भी नहीं आई है। लोगों को पीने का पानी लाने के लिए दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। गांववालों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत गांव में पाइपलाइन बिछाने और टंकी बनाने का काम शुरू हो गया है।

इस स्कीम के तहत जल जीवन मिशन कमेटी बनाई गई थी और गांववालों ने खुद चंदा इकट्ठा करके पानी की टंकी बनाई थी। लेकिन, इसके बावजूद गांव में नल का पानी सप्लाई नहीं हो पाया है। कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में गांववालों ने कहा कि एडमिनिस्ट्रेटिव लापरवाही की वजह से पूरा गांव पानी के लिए जूझ रहा है।

अधूरे कामों की जांच की मांग
उन्होंने जल जीवन मिशन के अधूरे कामों की तुरंत जांच, गांव में पीने के पानी की सप्लाई तुरंत शुरू करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन देने वालों में अलवतकी गांव के कई गांववाले शामिल थे, जिन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही कोई हल नहीं निकला तो वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।