वीडियो में देंखे खाटूश्यामजी मंदिर में प्रशासन ने मॉक ड्रिल कर सुरक्षा व्यवस्था की जांच की
सीकर के खाटूश्यामजी मंदिर में फाल्गुनी मेला खत्म होने के बाद सोमवार को प्रशासन की ओर से मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान सीन ऐसा बनाया गया कि मंदिर कमेटी ऑफिस के ग्राउंड फ्लोर पर बने अध्यक्ष के कमरे में दो आतंकवादी हथियार सहित घुस जाते हैं। आतंकवादियों ने वहां मौजूद एक सुरक्षा गार्ड को बंधक बना लिया। इस नकली स्थिति में तुरंत ATS ERT (एंटी टेरर स्क्वॉड – इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम) के जवान घटनास्थल पर दाखिल हुए।
अभ्यास में जवानों ने आतंकवादियों का सुरक्षित तरीके से मुकाबला करते हुए कुछ ही देर में दोनों को ढेर कर दिया और बंधक सुरक्षा गार्ड को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद आतंकवादियों के नकली शवों को मंदिर कमेटी कंट्रोल रूम के बाहर लाकर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके पास से हथियार और कई संदिग्ध वस्तुएं बरामद की गई।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य मंदिर परिसर और आसपास की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और प्रशिक्षण करना था। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की ड्रिल से टीम के जवान वास्तविक आपात स्थिति में तेजी और दक्षता के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं।
खाटूश्यामजी मंदिर में इससे पहले भी ATS और ERT टीम ने कई बार मॉक ड्रिल आयोजित की है। प्रशासन का कहना है कि बड़े मेले और धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से यह आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा उपकरण, कैमरे और निगरानी प्रणाली को लगातार अपडेट किया जा रहा है।
मॉक ड्रिल के दौरान मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस भी सहयोगी भूमिका में रही। उन्होंने भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन निकासी के लिए आवश्यक तैयारियों का परीक्षण किया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभ्यास से न केवल कर्मचारियों और सुरक्षा बलों की तत्परता बढ़ती है, बल्कि आगंतुकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा जोखिम बढ़ने के कारण ऐसी मॉक ड्रिल बेहद जरूरी हैं। यह अभ्यास न केवल आतंकवाद की संभावित घटनाओं के लिए तैयार करता है, बल्कि सामाजिक और धार्मिक स्थलों में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में भी मदद करता है।
मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने आतंकियों की गतिविधियों, उनके हथियारों और बंधक बनाने की रणनीति का सफलतापूर्वक मुकाबला किया। मंदिर प्रशासन ने बताया कि नियमित अभ्यास से सुरक्षा प्रणाली और इमरजेंसी प्रतिक्रिया की गुणवत्ता लगातार बेहतर हो रही है।
इस अभ्यास से यह संदेश भी गया कि मंदिर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बल पूरी तरह सजग और तैयार हैं। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए यह एक विश्वास का कारण भी है कि उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
खाटूश्यामजी मंदिर प्रशासन और ATS ERT ने इस मॉक ड्रिल को सफलतापूर्वक संपन्न कर, सुरक्षा व्यवस्था की दक्षता और तत्परता का परीक्षण किया। भविष्य में भी इस तरह के अभ्यासों को नियमित रूप से आयोजित करने की योजना है।
