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वीडियो में देंखे सीएम योगी आदित्यनाथ ने चित्तौड़गढ़ जौहर मेले में वीर योद्धाओं की परंपरा को याद किया

वीडियो में देंखे सीएम योगी आदित्यनाथ ने चित्तौड़गढ़ जौहर मेले में वीर योद्धाओं की परंपरा को याद किया
 
वीडियो में देंखे सीएम योगी आदित्यनाथ ने चित्तौड़गढ़ जौहर मेले में वीर योद्धाओं की परंपरा को याद किया

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ किला में रविवार को आयोजित जौहर मेले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर उन्होंने इस वीर भूमि और इतिहास की महान परंपराओं को याद करते हुए वीरांगना और महाराणा वंश की गाथाओं को श्रद्धांजलि दी।

सीएम योगी ने कहा कि जब वह इस भूमि को देखते हैं, तो उन्हें एक पंक्ति याद आती है: "ये एकलिंग का आसन है, इस पर न किसी का शासन है।" उन्होंने इतिहास की तुलना करते हुए बताया कि खिलजी वंश, बाबर, औरंगजेब और अकबर के खानदान का समय बीत गया, और उनकी पहचान अब लगभग धूमिल हो चुकी है। वहीं, महाराणा प्रताप, वीरांगना पद्मिनी, महाराणा सांगा और अन्य राजपूत योद्धाओं की वंशावली आज भी हमारे बीच जीवित है।

सीएम ने जोर देते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में जो विकास और उपलब्धियां सामने आ रही हैं, वह इसी वीरता और राजस्थान की परंपरा के तेज से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा, "यही चित्तौड़गढ़ का तेज है। मेरे पूज्य दादागुरु इसी भूमि से गोरखपुर गए थे।" उनके अनुसार, इस भूमि का साहस और त्याग पूरे भारतवर्ष में प्रेरणा का स्रोत रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश हो, दक्षिण भारत, पूर्व या पश्चिम, महाराणा प्रताप, महाराणा सांगा, महारानी पद्मिनी, महाराणा कुंभा और बप्पा रावल जैसे वीरों की परंपरा हर भारतीय के लिए सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक है। उन्होंने इस परंपरा को नमन करते हुए कहा कि यह वीरता की गाथाएं हमें आज भी साहस, दृढ़ता और आत्मसम्मान सिखाती हैं।

इस अवसर पर सीएम ने यह भी उल्लेख किया कि इतिहास के वीर योद्धाओं का योगदान केवल युद्ध और शौर्य तक सीमित नहीं था। उनके बलिदान और मूल्य आज भी भारत के सांस्कृतिक और सामाजिक ताने-बाने में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस गौरवशाली इतिहास से आज के युवाओं को प्रेरणा लेकर अपने क्षेत्र और देश की सेवा करनी चाहिए।

चित्तौड़गढ़ जौहर मेला हर साल वीरों और उनके बलिदानों की स्मृति में आयोजित किया जाता है। इस मेले में स्थानीय और दूर-दराज से आए लोग भाग लेते हैं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और युद्ध की परंपराओं को दर्शाने वाले आयोजन भी किए गए। सीएम योगी ने इस अवसर पर युवाओं और बच्चों से कहा कि इतिहास को जानना और उसकी गाथाओं से सीख लेना हमारी जिम्मेदारी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम न केवल इतिहास को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को देशभक्ति और संस्कृति की भावना से भी जोड़ते हैं। चित्तौड़गढ़ की परंपरा, जौहर और शौर्य की कहानियां युवाओं में साहस और आत्मसम्मान की भावना पैदा करती हैं।

इस प्रकार, जौहर मेले में सीएम योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति और उनके विचारों ने एक बार फिर राजपूत वीरों की महानता और राजस्थान की शौर्य परंपरा को उजागर किया। उनका संदेश स्पष्ट था कि इतिहास का अध्ययन और सम्मान केवल स्मृति तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उससे प्रेरणा लेकर देश और समाज के विकास में योगदान देना चाहिए।