जयपुर नगर निगम चुनाव में 150 वार्डों पर होगा मुकाबला, परिसीमन के बाद बदली कई इलाकों की तस्वीर; जानें आपका वार्ड कौन सा
जयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर शहर में सियासी हलचल तेज हो गई है। नए परिसीमन के बाद नगर निगम में अब कुल 150 वार्ड निर्धारित किए गए हैं। इन सभी वार्डों में पार्षद पद के लिए चुनाव होगा। वार्डों की नई सीमाएं तय होने के बाद जयपुर के कई इलाकों का वार्ड बदल गया है। ऐसे में अब लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनका मोहल्ला या कॉलोनी किस नए वार्ड में शामिल हुआ है और उन्हें किस वार्ड के पार्षद के लिए वोट डालना होगा।
नगर निगम की ओर से परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वार्डों की नई सीमाओं को अंतिम रूप दिया गया है। इसके चलते कई ऐसे इलाके हैं, जो पहले किसी दूसरे वार्ड का हिस्सा थे, लेकिन अब उन्हें नए वार्ड में शामिल कर दिया गया है। इसका सीधा असर आगामी नगर निगम चुनाव में मतदाताओं और संभावित उम्मीदवारों पर पड़ेगा।
150 वार्डों में होगा चुनावी मुकाबला
जयपुर नगर निगम के नए स्वरूप में कुल 150 वार्ड बनाए गए हैं। अब इन्हीं वार्डों के आधार पर पार्षदों का चुनाव कराया जाएगा। चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर संभावित उम्मीदवारों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
परिसीमन के बाद कई वार्डों की भौगोलिक सीमा में बदलाव हुआ है। कुछ क्षेत्रों को एक वार्ड से हटाकर दूसरे वार्ड में शामिल किया गया है। वहीं कई इलाकों में पुराने वार्डों की सीमाएं भी बदली गई हैं।
लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल
वार्डों की सीमाएं बदलने के बाद शहर के लोगों में अपने नए वार्ड को लेकर असमंजस है। कई मतदाता यह जानना चाहते हैं कि अब उनका घर किस वार्ड में आता है और आगामी चुनाव में वे किस वार्ड के प्रत्याशी के लिए मतदान करेंगे।
खासकर उन इलाकों में स्थिति अधिक स्पष्ट नहीं है, जहां परिसीमन के बाद सीमा बदली गई है। ऐसे मतदाताओं को नई वार्ड सूची और आधिकारिक परिसीमन मानचित्र के आधार पर अपने वार्ड की जानकारी हासिल करनी होगी।
संभावित प्रत्याशियों की बढ़ी सक्रियता
नई वार्ड व्यवस्था लागू होने के साथ ही चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे नेताओं की सक्रियता भी बढ़ गई है। जिन इलाकों में पहले से राजनीतिक पकड़ थी, वहां वार्ड बदलने के कारण कई नेताओं को नए समीकरण बनाने पड़ेंगे।
राजनीतिक दल भी नए वार्डों के हिसाब से संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन कर रहे हैं। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद चुनावी तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
वोट डालने से पहले जांचें अपना वार्ड
नगर निगम चुनाव में मतदान करने से पहले मतदाताओं के लिए यह जानना जरूरी होगा कि उनका नाम किस वार्ड की मतदाता सूची में है। परिसीमन के कारण केवल पुराने वार्ड नंबर के आधार पर मतदान केंद्र या वार्ड का अनुमान लगाना सही नहीं होगा।
ऐसे में मतदाता आधिकारिक वार्ड सूची, मतदाता सूची और चुनाव संबंधी जानकारी के आधार पर अपने नए वार्ड नंबर और मतदान केंद्र की पुष्टि कर सकते हैं। आगामी चुनाव में 150 वार्डों के लिए होने वाले मुकाबले में परिसीमन के बाद बदले समीकरण भी काफी अहम भूमिका निभा सकते हैं।
