बाड़मेर में कॉपी भूलने पर चौथी के छात्र की डंडे से पिटाई, बच्चा हुआ बेहोश; वीडियो में जाने शिक्षक पर कार्रवाई की तैयारी
राजस्थान के बाड़मेर जिले से शिक्षक द्वारा छात्र के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। जिले के चौहटन स्थित टीपीएस पब्लिक स्कूल में गणित की कॉपी नहीं लाने पर चौथी कक्षा के एक छात्र की कथित तौर पर डंडे से पिटाई कर दी गई। मारपीट के बाद छात्र की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। घटना के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया। यह घटना गुरुवार सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। सूचना मिलने पर परिजन स्कूल पहुंचे और बच्चे को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया।
कॉपी घर पर भूलने की मिली सजा
परिजनों के अनुसार, छात्र ने शिक्षक से कहा था कि उसकी गणित की कॉपी घर पर रह गई है और वह अगले दिन लेकर आएगा। आरोप है कि इसके बावजूद शिक्षक ने गुस्से में डंडे से उसकी पिटाई कर दी।मारपीट के बाद बच्चे को चक्कर आने लगे और वह अचेत होकर गिर पड़ा। बच्चे की हालत बिगड़ते देख स्कूल स्टाफ भी घबरा गया।
स्कूल ने परिजनों को दी सूचना
घटना के बाद स्कूल के एक शिक्षक जसवंत ने छात्र के परिजनों को फोन कर बच्चे की तबीयत खराब होने की जानकारी दी। परिजन तुरंत स्कूल पहुंचे और बच्चे को चौहटन के सरकारी अस्पताल ले गए।अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे की हालत में सुधार हुआ।
डॉक्टर बोले- शरीर पर मिले चोट के निशान
चौहटन अस्पताल के डॉक्टर रतनाराम चौधरी ने बताया कि बच्चे को सुबह करीब 10:30 बजे अस्पताल लाया गया था। तत्काल इलाज के बाद उसकी स्थिति सामान्य हो गई।उन्होंने बताया कि बच्चे के शरीर पर मारपीट के कारण नीले निशान (नील) पाए गए। करीब आधे घंटे तक बच्चे को निगरानी में रखा गया, जिसके बाद उसकी हालत स्थिर हो गई।
पुलिस ने दर्ज किए बयान
घटना की सूचना अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और अस्पताल में बच्चे का बयान दर्ज किया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।पुलिस यह पता लगा रही है कि छात्र के साथ किस परिस्थिति में मारपीट हुई और घटना में शिक्षक की क्या भूमिका रही।
स्कूल प्रबंधन ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
स्कूल संचालक ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। यदि जांच में शिक्षक की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उसे स्कूल से निकाल दिया जाएगा।
शारीरिक दंड पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर स्कूलों में छात्रों को शारीरिक दंड दिए जाने की घटनाओं पर सवाल उठने लगे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के साथ हिंसक व्यवहार न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाल सकता है।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
