अजमेर में खुशीराम की हत्या के विरोध में ग्रामीणों ने रोड जाम कर जमकर किया हंगामा, पुलिस पर पथरावो का वीडियो सामने आया
जिले के आकोडिया गांव में 9 साल के मासूम खुशीराम की हत्या के बाद ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे इलाके में आवागमन बाधित हो गया।
ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस मामले की सही तरह से जांच नहीं कर रही है। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीण उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
सूत्रों के अनुसार, जब पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, तो गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस घटना में कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त फोर्स बुलाया।
स्थानीय प्रशासन ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम भेजी जा रही है। वहीं, ग्रामीणों ने सरकार से अपील की है कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की हिंसक प्रतिक्रिया स्थानीय आक्रोश और न्याय की मांग को दर्शाती है। प्रशासन को ऐसे मामलों में पारदर्शिता और तेजी के साथ कदम उठाने की आवश्यकता होती है, ताकि आम जनता का विश्वास कायम रह सके।
गांव और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस ने अब सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मामला निष्पक्ष तरीके से सुलझ नहीं जाता, वे आंदोलन जारी रखने को तैयार हैं।
इस घटना ने अजमेर जिले में सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को भी बढ़ा दिया है। प्रशासन और पुलिस को जल्द ही मामले में स्पष्टता और कार्रवाई दिखाने की चुनौती का सामना करना होगा।
