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पश्चिमी विक्षोभ का असर: राजस्थान में बारिश, ओलावृष्टि और आंधी से जनजीवन प्रभावित

पश्चिमी विक्षोभ का असर: राजस्थान में बारिश, ओलावृष्टि और आंधी से जनजीवन प्रभावित
 
पश्चिमी विक्षोभ का असर: राजस्थान में बारिश, ओलावृष्टि और आंधी से जनजीवन प्रभावित

राजस्थान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सोमवार (30 मार्च) को मौसम ने अचानक करवट ले ली। राज्य के कई हिस्सों में बारिश, ओलावृष्टि और धूल भरी आंधी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। कुछ जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि कई स्थानों पर आंधी और बादलों का डेरा बना रहा।

मौसम विभाग के अनुसार, Western Disturbance के सक्रिय होने के कारण राज्य में अस्थिर मौसम की स्थिति बनी हुई है। इसी के चलते कोटा में दोपहर के समय ओलावृष्टि के साथ तेज बारिश हुई, जिससे कई क्षेत्रों में पानी भर गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।

करौली जिले में भी तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। देर रात चली भीषण हवाओं के कारण नेशनल हाईवे-23 पर कई पेड़ जड़ समेत उखड़ गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की बड़ी दुर्घटना या जनहानि की सूचना नहीं मिली।

इसी मौसम तंत्र के प्रभाव से अजमेर, श्रीगंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़, चूरू और नागौर जिलों में भी बारिश दर्ज की गई। कई जगहों पर हल्की से मध्यम वर्षा हुई, जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिली और लोगों को गर्मी से राहत मिली।

जैसलमेर में धूल भरी आंधी ने दृश्यता को प्रभावित किया, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं राजधानी जयपुर और जोधपुर सहित कई अन्य जिलों में दिनभर बादल छाए रहे और मौसम सुहावना बना रहा।

भारतीय मौसम विभाग ने पहले ही कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया था। विभाग ने आगामी दिनों में भी मौसम के अस्थिर बने रहने की संभावना जताई है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

कुल मिलाकर, पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। कहीं बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ाई है तो कहीं तेज हवाओं और आंधी ने जनजीवन को प्रभावित किया है।