Aapka Rajasthan

कोटा में नाबालिग बालिका के बाल विवाह के मामले में तुरंत कार्रवाई, राजकीय बालिका गृह में अस्थाई आश्रय

कोटा में नाबालिग बालिका के बाल विवाह के मामले में तुरंत कार्रवाई, राजकीय बालिका गृह में अस्थाई आश्रय
 
कोटा में नाबालिग बालिका के बाल विवाह के मामले में तुरंत कार्रवाई, राजकीय बालिका गृह में अस्थाई आश्रय

कोटा के कैथून थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका के बाल विवाह के मामले में जिला कलेक्टर के निर्देशों के बाद तुरंत कार्रवाई की गई। नाबालिग बालिका को संरक्षण में लेकर राजकीय बालिका गृह में अस्थाई आश्रय दिया गया।

जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक रामराज मीना ने बताया कि बालिका के बाल विवाह की सूचना मिलते ही बुधवार को जिला बाल संरक्षण अधिकारी दिनेश शर्मा, चाइल्ड हेल्पलाइन को-ऑर्डिनेटर नरेश मीणा, काउंसलर महिमा पांचाल और डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर, सृष्टि सेवा समिति के भूपेंद्र सिंह की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।

टीम ने कैथून थाना पुलिस की मदद से बूटा सिंह कॉलोनी से नाबालिग को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। अधिकारियों ने बालिका की सुरक्षा और उसका मनोवैज्ञानिक समर्थन सुनिश्चित करने के साथ उसके लिए अस्थाई आवास की व्यवस्था की।

सहायक निदेशक रामराज मीना ने कहा कि बालिका की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा प्राथमिकता है। विभाग इस मामले की पूरी निगरानी कर रहा है और बाल विवाह रोकने के लिए समुदाय और परिवारों को जागरूक करने के प्रयास भी जारी हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई और बालिका को सुरक्षित आश्रय प्रदान करना बेहद महत्वपूर्ण है। इससे न केवल बालिका की सुरक्षा सुनिश्चित होती है बल्कि बाल विवाह जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण भी संभव होता है।

स्पष्ट है कि कोटा में नाबालिग बालिका के बाल विवाह के मामले में प्रशासन और बाल संरक्षण विभाग की त्वरित और समन्वित कार्रवाई ने बालिका की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और बाल अधिकारों की रक्षा का संदेश दिया।