अन्य खनिजों की आड़ में गारनेट का अवैध कारोबार उजागर, पर्यावरण क्षतिपूर्ति जुर्माने की तैयारी; नगर पालिका से रिपोर्ट तलब
जिले में खनिज कारोबार से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें अन्य खनिजों की आड़ में गारनेट के अवैध खनन और परिवहन का ‘काला खेल’ चलने की आशंका जताई गई है। इस खुलासे के बाद प्रशासन और खनन विभाग में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि कुछ स्थानों पर नियमों को दरकिनार कर खनिजों की आड़ में गारनेट का अवैध दोहन और परिवहन किया जा रहा था। इस गतिविधि से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा है, बल्कि पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग ने नगर पालिका से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी और पर्यावरण क्षतिपूर्ति के तहत भारी जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि खनन गतिविधियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन गतिविधि कैसे चलती रही और निगरानी तंत्र को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली।
फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन द्वारा आगे की कार्रवाई तेज किए जाने की संभावना है।
