'मैं गांधी परिवार का करीबी हूं..कांग्रेस से टिकट दिला दूंगा', राजस्थान के नेता को ठगने वाला आरोपी UP से गिरफ्तार
पॉलिटिकल टिकट की चाहत कभी-कभी इंसान को बड़े-बड़े स्कैम से भी अंधा बना देती है। राजस्थान के कोटा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक नेता से कांग्रेस का टिकट दिलाने के नाम पर ₹10 लाख की ठगी की गई। कोटा की रेलवे कॉलोनी पुलिस ने आरोपी विजय श्रीवास्तव को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से गिरफ्तार किया है।
सोशल मीडिया पर जाल बिछाया गया और उसने खुद को "खास" बताया।
पीड़ित, कोटा की महात्मा गांधी कॉलोनी का रहने वाला बृजमोहन महावर, केशवरापाटन सीट से कांग्रेस का टिकट चाहता था। वह उत्तर प्रदेश के विजय श्रीवास्तव से फेसबुक के ज़रिए मिला। विजय ने अपनी प्रोफ़ाइल इतनी "पावरफुल" दिखाई कि बृजमोहन उसके झांसे में आ गया। आरोपी ने खुद को फिल्म सेंसर बोर्ड का मेंबर बताया और राहुल गांधी, सोनिया गांधी और केसी वेणुगोपाल जैसे बड़े लोगों से सीधे लिंक होने का दावा किया।
एक होटल में चेक इन किया और ₹5 लाख कैश लिए, कुल ₹10 लाख।
फ्रॉड किश्तों में शुरू हुआ। आरोपी ने पहले हवाई यात्रा के नाम पर ₹25,000 मांगे। फिर धीरे-धीरे उसने ऑनलाइन ₹4.25 लाख ट्रांसफर कर लिए। मामला तब आया जब अक्टूबर 2023 में आरोपी ने बृजमोहन को दिल्ली के एक मशहूर होटल में बुलाया और ₹5 लाख कैश ले लिए।
जब उसे टिकट नहीं मिला तो उसने उसे "मंत्री पद" का लालच दिया।
आरोपी का कॉन्फिडेंस इतना ज़्यादा था कि उसने बृजमोहन को बिना ऑफिशियल लिस्ट के नॉमिनेशन फाइल करने के लिए मना लिया। धोखा खाकर बृजमोहन ने 4 नवंबर 2023 को नॉमिनेशन फाइल कर दिया। जब कांग्रेस की लिस्ट आई और टिकट सी.एल. प्रेमी को मिला तो चालाक ठग ने एक नई कहानी गढ़ी। उसने लिखकर वादा किया, "मैं पैसे वापस कर दूंगा। सब्र रखो, मैं तुम्हें मंत्री पद दिलाऊंगा।" इसके बाद उसने अपना फोन बंद कर दिया।
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी विजय श्रीवास्तव का पॉलिटिकल बैकग्राउंड है। उन्होंने 1986 से 1990 तक सुल्तानपुर कांग्रेस जिला महासचिव और फिल्म सेंसर बोर्ड के सदस्य के रूप में कार्य किया। इस अनुभव का लाभ उठाकर उन्होंने नेताओं को धोखा दिया।
