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बसंत पंचमी पर रींगस श्याम मंदिर में भारी भीड़, प्रशासन के इंतजाम धराशाई

बसंत पंचमी पर रींगस श्याम मंदिर में भारी भीड़, प्रशासन के इंतजाम धराशाई
 
बसंत पंचमी पर रींगस श्याम मंदिर में भारी भीड़, प्रशासन के इंतजाम धराशाई

राजस्थान के सीकर जिले के रींगस में शुक्रवार सुबह बसंत पंचमी के पावन अवसर पर बाबा श्याम के दर्शन करने आए श्रद्धालुओं के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। रींगस श्याम मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ के चलते प्रशासन और मंदिर कमेटी के इंतजाम पूरी तरह ध्वस्त हो गए।

मंदिर परिसर में हालात इतने बेकाबू हो गए कि सुरक्षा कारणों से मंदिर प्रशासन को मुख्य पट (कपाट) बंद करने पड़ गए। श्रद्धालुओं ने बताया कि मंदिर में प्रवेश और दर्शन के लिए कोई सुसंगठित व्यवस्था या मार्गदर्शन मौजूद नहीं था। इससे दर्शनार्थियों में अफरा-तफरी और धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई।

स्थानीय लोगों और भक्तों का आरोप है कि मंदिर कमेटी ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्थाओं में पूरी लापरवाही बरती। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि यदि प्रशासन और मंदिर कमेटी समय पर उचित इंतजाम करती, तो इस तरह की परेशानी और तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

मंदिर परिसर में मौजूद कुछ भक्तों ने मीडिया को बताया कि घंटों तक दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन कोई व्यवस्थित मार्गदर्शन नहीं था। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं इस भीड़ में खतरे में महसूस कर रहे थे। वहीं, मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं को पानी और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने का इंतजाम भी नजर नहीं आया।

मंदिर कमेटी के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “हमने इस साल भीड़ के बढ़ने की आशंका जताई थी, लेकिन प्रशासन और स्थानीय पुलिस से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। इसके कारण हमें मजबूरी में मुख्य पट बंद करना पड़ा।”

विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा का उचित इंतजाम न होने से दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। उन्होंने अपील की कि मंदिरों में प्रवेश मार्ग, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा गार्ड और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा सुनिश्चित की जाए।

प्रशासन की ओर से बताया गया कि रींगस श्याम मंदिर में पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन भीड़ इतनी अधिक थी कि सुरक्षा बलों के लिए इसे नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भीड़ प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल टिकटिंग प्रणाली को लागू करने पर विचार किया जाएगा।

श्री श्याम मंदिर में हुई इस स्थिति ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि धार्मिक स्थल प्रबंधन और प्रशासनिक तैयारी के बिना श्रद्धालुओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा सकती है। श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक दोनों ने मांग की है कि मंदिर कमेटी और प्रशासन मिलकर स्पष्ट और व्यवस्थित योजना बनाएं, ताकि भविष्य में ऐसी अफरा-तफरी और सुरक्षा संकट पैदा न हो।

इस घटना के बाद मंदिर परिसर में व्यवस्था को सुधारने और भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और मंदिर कमेटी दोनों की भूमिका पर गंभीर ध्यान देने की जरूरत जताई जा रही है