जनवरी 2026 हो सकता है HRRL रिफाइनरी का उद्घाटन, 50 हजार नौकरियों की उम्मीद
राजस्थान का बहुत इंतज़ार किया जा रहा ड्रीम प्रोजेक्ट, HRRL रिफाइनरी, जल्द ही चालू होने वाला है। लगभग ₹80,000 करोड़ की लागत से बनी यह मॉडर्न रिफाइनरी राज्य की इकॉनमी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। इसकी पहली यूनिट इसी महीने चालू होने की उम्मीद है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने इसका उद्घाटन कर सकते हैं। पाइपलाइन क्रूड ऑयल सप्लाई की सफल टेस्टिंग पूरी हो चुकी है। अब, उद्घाटन की तारीख की ऑफिशियल घोषणा का इंतज़ार है।
प्रोजेक्ट का सफ़र और महत्व
यह ज़रूरी प्रोजेक्ट अब अपने आखिरी फेज़ में पहुँच गया है। 2013 में, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार के बीच 74:26 परसेंट इक्विटी पार्टनरशिप पर एक एग्रीमेंट साइन हुआ था। उस समय की UPA चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने इसका शिलान्यास किया था। 2018 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कंस्ट्रक्शन के काम का उद्घाटन किया था।
यह राज्य के लिए एनर्जी सेक्टर में गेम-चेंजर साबित होगा। 9 मिलियन मीट्रिक टन की सालाना प्रोडक्शन कैपेसिटी के साथ, यह रिफाइनरी सिक्योरिटी के नज़रिए से भी मज़बूत है, क्योंकि यह CISF की ज़िम्मेदारी में है।
पेट्रो ज़ोन और नई इंडस्ट्रीज़
रिफाइनरी के साथ-साथ राजस्थान पेट्रो ज़ोन भी बनाया गया है, जहाँ पेट्रोकेमिकल पर आधारित इंडस्ट्रीज़ लगाई जाएँगी। RIICO इस प्रोजेक्ट पर तेज़ी से काम कर रहा है। उद्घाटन के साथ ही बोरावास और कलावा में नए इंडस्ट्रियल एरिया डेवलप किए जा रहे हैं। यहाँ रिफाइनरी के बाय-प्रोडक्ट्स पर आधारित फैक्ट्रियाँ लगाई जाएँगी, जिससे रोज़गार के रास्ते खुलेंगे।
रोज़गार और युवाओं में जोश
इस प्रोजेक्ट से लगभग 50,000 डायरेक्ट और इनडायरेक्ट नौकरियाँ पैदा होने की उम्मीद है। पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्रीज़ से अनगिनत मौके मिलेंगे। लोकल युवा इस प्रोजेक्ट को लेकर बहुत उत्साहित हैं, क्योंकि इससे उनका भविष्य उज्ज्वल होगा। यह रिफाइनरी न केवल एनर्जी की ज़रूरतों को पूरा करेगी बल्कि राजस्थान को एक इंडस्ट्रियल हब में भी बदल देगी।
