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झुंझुनूं में हनीट्रैप गैंग का भंडाफोड़: झूठे दुष्कर्म केस की धमकी देकर लाखों की वसूली, 4 आरोपी गिरफ्तार

झुंझुनूं में हनीट्रैप गैंग का भंडाफोड़: झूठे दुष्कर्म केस की धमकी देकर लाखों की वसूली, 4 आरोपी गिरफ्तार
 
झुंझुनूं में हनीट्रैप गैंग का भंडाफोड़: झूठे दुष्कर्म केस की धमकी देकर लाखों की वसूली, 4 आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान के झुंझुनूं में कोतवाली पुलिस ने एक संगठित हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में तीन महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर लोगों को प्रेम-जाल में फंसाकर झूठे दुष्कर्म के मामलों की धमकी देकर वसूली करते थे।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह सुनियोजित तरीके से पहले लोगों से संपर्क करता था और फिर बातचीत के जरिए उन्हें भरोसे में लेकर निजी स्थानों पर बुलाता था। इसके बाद उन्हें झूठे आरोपों में फंसाने की धमकी देकर पैसों की मांग की जाती थी।

कैसे दिया वारदात को अंजाम

मामले में दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़ित युवक की मुलाकात एक महिला से हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच फोन पर बातचीत शुरू हो गई। इसी दौरान महिला ने उसे मीठी बातों के जाल में फंसाकर 25 मार्च को झुंझुनूं के मोतीलाल कॉलेज के पास स्थित एक मकान में बुलाया।

जैसे ही युवक कमरे में पहुंचा, योजना के तहत घर में मौजूद दूसरी महिला ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद एक अन्य महिला ने शोर मचाना शुरू कर दिया और युवक पर झूठा दुष्कर्म का आरोप लगाने की कोशिश की।

थोड़ी ही देर में गिरोह के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए और पीड़ित को डराना-धमकाना शुरू कर दिया। बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से युवक ने मौके पर ही आरोपियों को 1 लाख रुपये दे दिए।

लगातार दबाव बनाकर और पैसे की मांग

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने यहीं पर मामला खत्म नहीं किया, बल्कि उससे लगातार 1 लाख रुपये और देने की मांग की जा रही थी। मानसिक दबाव और लगातार धमकियों से परेशान होकर पीड़ित ने आखिरकार 27 मार्च को Kotwali Police Station Jhunjhunu में शिकायत दर्ज करवाई।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों व गुप्त सूचना के आधार पर गिरोह का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान तीन महिलाओं और एक युवक को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित अपराध है, जिसमें पीड़ितों को पहले भरोसे में लिया जाता है और फिर फर्जी आरोपों की धमकी देकर अवैध वसूली की जाती है। मामले की गहन जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने पहले भी कितने लोगों को निशाना बनाया है।

साइबर और सामाजिक अपराध का बढ़ता स्वरूप

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान लोगों से निजी मुलाकातों में सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की धमकी या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सूचित करें।