राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन का नाम बदलने का ऐतिहासिक फैसला — माउंट आबू अब “आबू राज” कहलाएगा
राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को एक अहम ऐतिहासरिक निर्णय लेते हुए राज्य के एकमात्र और सबसे प्रसिद्ध हिल स्टेशन Mount Abu का नाम बदलकर “आबू राज” (Abu Raj) कर दिया है। यह घोषणा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में वित्त एवं विनियोग विधेयक-2026 पर चर्चा के दौरान की। इस बदलाव से न सिर्फ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नया आयाम मिलेगा बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
राजस्थान के पर्यटन मानचित्र पर माउंट आबू की गहरी प्रतिष्ठा रही है। यह हिमालय से सटे अन्य हिल स्टेशनों की तरह ही नहीं, बल्कि अरावली की खूबसूरत चोटियों पर बसा एक प्रमुख पर्यटन केंद्र है। हर साल देश भर से हजारों पर्यटक यहां अपनी छुट्टियों और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने आते हैं।
नाम परिवर्तन का राजनीतिक और सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि यह बदलाव स्थानीय जनभावनाओं और ऐतिहासिक संदर्भों को सम्मान देने के उद्देश्य से किया गया है। सरकार का मानना है कि “आबू राज” नाम क्षेत्र की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को और अधिक मजबूत करेगा। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय कई साल से चल रही जनता की मांग और स्थानीय प्रतिनिधियों के आग्रह के आधार पर लिया गया है।
स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन इस फैसले को ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देख रहे हैं। कुछ मतों के अनुसार, “आबू राज” नाम पर्यटन के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी इस क्षेत्र की पहचान को और भरपूर तरीके से दर्शाता है। स्थानीय नागरिकों ने मिठाई बांटकर और बधाई संदेश देकर इसका स्वागत किया।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
नाम परिवर्तन के समर्थकों का मानना है कि “आबू राज” नाम से यह स्थान और अधिक विशिष्टता प्राप्त करेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर इस हिल स्टेशन की खोज और ब्रांडिंग में मदद मिलेगी। पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि बदलाव से प्रचार-प्रसार में नई ऊर्जा आएगी और यहां की होटल, हॉस्टल, ट्रैवल एजेंसियों तथा स्थानीय वेंडर्स को अधिक लाभ मिलने की संभावना है।
हालांकि, कुछ पर्यटक और विश्लेषक इस बदलाव को चिंतन का विषय भी मानते हैं। उनका कहना है कि “माउंट आबू” नाम दशकों से पहचाना जाता रहा है और इसके वैज्ञानिक, ऐतिहासिक और ग्लोबल पहचान को इसमें शामिल किया जाना चाहिए। इसके बावजूद सरकार का कहना है कि नया नाम अधिक स्थानीय और सांस्कृतिक रूप से उपयुक्त है।
अन्य नाम परिवर्तनों के साथ निर्णय
माउंट आबू के नाम के साथ ही राजस्थान सरकार ने दो अन्य स्थानों के नाम भी बदलने का निर्णय लिया है। प्रदेश के Kama का नाम “कामवन” और Jahazpur का नाम “यज्ञपुर” रखा गया है। यह पहल भी स्थानीय इतिहास एवं संस्कृति को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से की गई है।
अब “आबू राज” राजस्थान का नया नामित पर्यटन स्थल बन चुका है, और राज्य सरकार इस बदलाव से स्थानीय पहचान, संस्कृति और पर्यटन को नई दिशा देने के लिए सकारात्मक कदम उठा रही है।
