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राज्य में व्यापार और उद्योग स्थापना सरलीकरण पर हाईलेवल बैठक

राज्य में व्यापार और उद्योग स्थापना सरलीकरण पर हाईलेवल बैठक
 
राज्य में व्यापार और उद्योग स्थापना सरलीकरण पर हाईलेवल बैठक

राजस्थान में व्यापार और उद्योग की स्थापना को सरल और प्रभावी बनाने के लिए मंगलवार को शासन सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने की। बैठक में कैबिनेट सचिव (समन्वय) डॉ. मनोज गोविल भी उपस्थित रहे।

बैठक का उद्देश्य था ʻकंप्लायंस रिडक्शन एंड डी-रेगुलेशन फेज-2ʼ क्रियान्वयन को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करना। इसके तहत व्यापार और उद्योग संबंधी नियमों और प्रक्रियाओं में सुधार कर सरलीकरण और पारदर्शिता लाने पर विशेष जोर दिया गया।

इस अवसर पर केंद्र सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ ही राज्य सरकार के संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने मिलकर चर्चा की कि कैसे विभिन्न विभागों में प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित कर उद्योग स्थापना को आसान बनाया जा सकता है।

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि व्यापारियों और उद्यमियों को कम बाधाओं के साथ अनुमति और लाइसेंसिंग प्रक्रिया उपलब्ध कराई जाए। अधिकारियों ने यह माना कि कई मामलों में जटिल प्रक्रियाओं और अनावश्यक कागजी कार्रवाई के कारण उद्यमियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके सुधार के लिए नवीन तकनीकी उपाय और डिजिटल प्लेटफॉर्म अपनाने पर भी जोर दिया गया।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि राजस्थान व्यापार के अनुकूल माहौल के रूप में पहचाना जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तेजी से सुधारात्मक कदम उठाएँ और प्रक्रिया सरलीकरण पर ध्यान दें।

विशेषज्ञों का कहना है कि ʻकंप्लायंस रिडक्शन एंड डी-रेगुलेशनʼ पहल से न केवल निवेशकों और उद्यमियों का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि राज्य में नवाचार और उद्योगों का विकास भी तेज होगा। इससे राजस्थान को देश और विदेश के निवेशकों के लिए आकर्षक केंद्र बनाने में मदद मिलेगी।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि फेज-2 के तहत विभिन्न विभागों द्वारा किए जाने वाले सुधारों और उनके क्रियान्वयन की निगरानी और समीक्षा नियमित रूप से की जाएगी। साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए विशेष टीम बनाई जाएगी।

राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से व्यापारिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जिम्मेदारी और तेज़ी आएगी। इससे छोटे और मध्यम उद्यमियों को भी बड़े पैमाने पर लाभ मिलेगा और निवेशकों को राज्य में व्यापार स्थापित करने में आसानी होगी।

इस बैठक के परिणामस्वरूप राजस्थान में व्यापार और उद्योग के सरलीकरण और नियमों में संशोधन की दिशा में ठोस कदम उठाने की उम्मीद बढ़ गई है। अधिकारियों ने बताया कि फेज-2 के क्रियान्वयन से राज्य में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और व्यवसायिक माहौल में सकारात्मक बदलाव आएगा।