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बाड़मेर में हाई-वोल्टेज ड्रामा, वीडियो में देंखे विधायक रविंद्र सिंह भाटी का विरोध प्रदर्शन में पेट्रोल छिड़कने का प्रयास, प्रशासन ने संभाला मोर्चा

बाड़मेर में हाई-वोल्टेज ड्रामा, वीडियो में देंखे विधायक रविंद्र सिंह भाटी का विरोध प्रदर्शन में पेट्रोल छिड़कने का प्रयास, प्रशासन ने संभाला मोर्चा
 
बाड़मेर में हाई-वोल्टेज ड्रामा, वीडियो में देंखे विधायक रविंद्र सिंह भाटी का विरोध प्रदर्शन में पेट्रोल छिड़कने का प्रयास, प्रशासन ने संभाला मोर्चा

राजस्थान के बाड़मेर जिले में मंगलवार को हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात अचानक बेहद तनावपूर्ण हो गए, जब शिव विधानसभा क्षेत्र से विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने प्रदर्शन के बीच अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक भाटी एक बैग लेकर विरोध स्थल पर पहुंचे थे, जिसमें कथित तौर पर पेट्रोल से भरी एक बोतल रखी हुई थी। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने अचानक बोतल निकाली और अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। इस दौरान मौजूद समर्थकों ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए उनके कपड़ों से पेट्रोल को पोंछने की कोशिश की, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

इसी बीच मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए विधायक और उनके समर्थकों को कलेक्ट्रेट की ओर ले जाने का प्रयास किया, जहां धक्का-मुक्की की स्थिति भी देखने को मिली।सूचना के अनुसार, विधायक भाटी को बाद में कलेक्ट्रेट परिसर में ले जाया गया, जहां जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल और पुलिस अधीक्षक चुनाराम जाट ने उनसे बातचीत की और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।

बताया जा रहा है कि कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद भी माहौल तनावपूर्ण बना रहा, जब विधायक ने फिर से अपने बैग से पेट्रोल की बोतल निकालने की कोशिश की और खुद पर छिड़क लिया। इस दौरान उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि “दादागिरी करो… मुझे मारो… माचिस दे, माचिस कहां है… मुझे क्यों मार रहे हो, मुझे ही मारो।” उनके इस बयान से मौके पर मौजूद लोग और प्रशासनिक अधिकारी भी कुछ क्षण के लिए स्तब्ध रह गए।

प्रदर्शन के दौरान विधायक ने यह भी कहा कि किसी निर्दोष मजदूर के साथ अन्याय हो रहा है और उसके खिलाफ कार्रवाई गलत तरीके से की जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर वह विरोध दर्ज करा रहे थे।पुलिस प्रशासन ने तुरंत स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए भीड़ को अलग किया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की आत्मघाती या खतरनाक गतिविधि को रोकना प्राथमिकता है और मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। कुल मिलाकर, बाड़मेर की यह घटना राजनीतिक विरोध और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच अचानक बढ़े तनाव का एक गंभीर उदाहरण बनकर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है।