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नॉन-RAS से IAS प्रमोशन मामले में हाईकोर्ट सख्त, वीडियो में जाने राज्य सरकार को 15 दिन में फैसला लेने का निर्देश

नॉन-RAS से IAS प्रमोशन मामले में हाईकोर्ट सख्त, वीडियो में जाने राज्य सरकार को 15 दिन में फैसला लेने का निर्देश
 
नॉन-RAS से IAS प्रमोशन मामले में हाईकोर्ट सख्त, वीडियो में जाने राज्य सरकार को 15 दिन में फैसला लेने का निर्देश

राजस्थान में नॉन-RAS अधिकारियों को IAS में प्रमोशन देने से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिन के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। जस्टिस अनूप ढंढ की कोर्ट ने यह आदेश चार अधिकारियों की याचिका का निस्तारण करते हुए दिया। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकार को किसी विशेष तरीके से फैसला लेने के लिए बाध्य नहीं किया गया है।याचिका अधिकारी सुरेश कुमार वर्मा, श्यामसुंदर ज्यानी, कार्तिकेय मिश्रा और नर्बदा इंदौरिया की ओर से दायर की गई थी। अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि IAS प्रमोशन की प्रक्रिया में जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद राज्य सरकार की ओर से फैसला लेने में देरी की जा रही है।

पिछले साल दिसंबर में UPSC बोर्ड में हुआ था इंटरव्यू

याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पिछले साल दिसंबर में नॉन-RAS अधिकारियों के IAS में प्रमोशन को लेकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के बोर्ड में इंटरव्यू आयोजित किए गए थे। इस प्रक्रिया में कुल 20 अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया था।इंटरव्यू के बाद UPSC ने इनमें से चार अधिकारियों का चयन किया और उनके नाम राज्य सरकार को ऑब्जर्वेशन यानी टिप्पणियों के लिए भेजे थे।

सरकार को 45 दिन में भेजने थे कमेंट्स

याचिका के अनुसार, UPSC की ओर से चयनित अधिकारियों के संबंध में राज्य सरकार को अपने कमेंट्स तैयार कर 45 दिन के भीतर आयोग को वापस भेजने थे। इसके बाद प्रमोशन से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पूरी होनी थी।अधिकारियों का कहना था कि निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी राज्य सरकार ने इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया। कई महीने गुजरने के बावजूद फाइल पर कार्रवाई नहीं होने से प्रमोशन की प्रक्रिया अटकी हुई है।

हाईकोर्ट ने 15 दिन में निर्णय लेने को कहा

मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस अनूप ढंढ की कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिन में इस पर निर्णय लेने का निर्देश दिया। कोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए यह भी साफ किया कि उसका आदेश सरकार को किसी खास तरीके से फैसला करने के लिए निर्देशित नहीं करता।इसका मतलब है कि राज्य सरकार को तय समय में मामले पर विचार कर अपना निर्णय लेना होगा, लेकिन निर्णय क्या होगा, इस संबंध में हाईकोर्ट ने कोई निर्देश नहीं दिया है।अब राज्य सरकार की ओर से 15 दिन के भीतर लिए जाने वाले फैसले पर चारों अधिकारियों के IAS प्रमोशन की आगे की प्रक्रिया निर्भर करेगी।