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धौलपुर में भारी बारिश बनी किसानों की मुसीबत, खेत बने तालाब, फसलें डूबीं, मवेशी पालन पर भी संकट

धौलपुर में भारी बारिश बनी किसानों की मुसीबत, खेत बने तालाब, फसलें डूबीं, मवेशी पालन पर भी संकट
 
धौलपुर में भारी बारिश बनी किसानों की मुसीबत, खेत बने तालाब, फसलें डूबीं, मवेशी पालन पर भी संकट

राजस्थान के धौलपुर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदी, तालाब, झरने और जलाशय लबालब भर चुके हैं, वहीं गांवों से लेकर शहरों तक बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने सबसे ज्यादा असर किसानों पर डाला है, जिनकी खरीफ की फसलें बर्बादी के कगार पर पहुंच गई हैं।

बारिश का पानी खेतों और खलिहानों में इस कदर भर गया है कि बाजरा, दलहन, तिलहन, ग्वार, ज्वार और मक्का जैसी प्रमुख फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। किसान चिंतित हैं कि अगर बारिश का यही सिलसिला जारी रहा, तो इस वर्ष की पूरी फसल तबाह हो जाएगी।

खेत बन गए दरिया, फसलें हो गईं बर्बाद

किसानों ने बताया कि खेत अब फसल उगाने की जगह तालाबों जैसे नजर आ रहे हैं। कुछ इलाकों में तो खेतों में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया है। बारिश की वजह से बीज गल गए हैं और फसल की जड़ें सड़ने लगी हैं।

स्थानीय किसान रामस्वरूप मीणा कहते हैं,
"हमने उम्मीद से खरीफ की बुवाई की थी, लेकिन इस बारिश ने सब चौपट कर दिया। खेतों में अब फसल नहीं, पानी लहराता दिख रहा है।"

मवेशी पालन भी संकट में

खेती के साथ-साथ किसानों के दूसरे प्रमुख सहारे मवेशी पालन पर भी असर पड़ने लगा है। बारिश और बाढ़ के कारण चारे की फसलें भी बर्बाद हो गई हैं, जिससे गौवंश और अन्य मवेशियों के लिए चारा जुटाना मुश्किल हो गया है। कुछ किसानों ने आशंका जताई है कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो मवेशियों को बेचने की नौबत आ सकती है।

किसान संघ के पदाधिकारी सुरेश यादव ने बताया,
"हालात बहुत खराब हैं। प्रशासन को चाहिए कि तुरंत सर्वे करवा कर किसानों को मुआवजा दे, ताकि उनके सामने दो वक्त की रोटी का संकट न खड़ा हो।"

प्रशासन की तैयारी सवालों के घेरे में

बाढ़ जैसे हालातों के बीच प्रशासन की तैयारियां भी सवालों के घेरे में हैं। अभी तक कई गांवों में निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं हो पाई है, जिससे पानी रुक-रुक कर फसलों को और नुकसान पहुंचा रहा है।

वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों और सड़कों पर भी पानी भर गया है, जिससे आवाजाही बाधित हो रही है।

किसानों की मांग

  • तुरंत फसल नुकसान का सर्वे कर मुआवजा दिया जाए

  • मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था की जाए

  • जलनिकासी के इंतजाम तेजी से किए जाएं

  • कृषि ऋण माफ किया जाए और सरकारी सहायता दी जाए