राजस्थान में भीषण गर्मी का असर तेज, तापमान 42 डिग्री पार; आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी की चेतावनी
राजस्थान में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और मौसम के हालात दिन-ब-दिन और अधिक गंभीर होते नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अब लगभग समाप्त हो चुका है, जिससे प्रदेश में तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपरी वायुमंडल में एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है, जिसका सीधा असर राजस्थान के मौसम पर पड़ रहा है। इसके कारण अगले कुछ दिनों में राज्य के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।
विशेष रूप से पूर्वी राजस्थान के जिलों में गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में लू के थपेड़े और अधिक तीव्र हो सकते हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित रहेगा।
बीते 24 घंटों के दौरान भी राज्य में तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रविवार (19 अप्रैल) को चूरू और बीकानेर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म स्तरों में से एक है।
इसी तरह कोटा, पिलानी, जोधपुर और फलोदी में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा, जिससे इन क्षेत्रों में दोपहर के समय गर्म हवाओं का असर और तेज महसूस किया गया। राजधानी जयपुर में भी गर्मी ने लोगों को परेशान किया, जहां अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तेज धूप और लू के कारण दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम देखने को मिल रही है। बाजारों में भीड़ घट गई है और लोग आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। अस्पतालों में भी गर्मी से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या में हल्की बढ़ोतरी देखी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में पर्याप्त पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और धूप से बचाव करना बेहद जरूरी है। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं और आने वाले सप्ताह में तापमान और ऊपर जा सकता है। ऐसे में प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
