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बहू पर रखता था गलत नजर, विरोध करने पर बेटे को कट्टा दिखाकर देता था धमकी; लंबे समय से चल रहा था मानसिक उत्पीड़न

बहू पर रखता था गलत नजर, विरोध करने पर बेटे को कट्टा दिखाकर देता था धमकी; लंबे समय से चल रहा था मानसिक उत्पीड़न
 
बहू पर रखता था गलत नजर, विरोध करने पर बेटे को कट्टा दिखाकर देता था धमकी; लंबे समय से चल रहा था मानसिक उत्पीड़न

परिवार के भीतर रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक ससुर पर अपनी बहू पर गलत नजर रखने और लंबे समय तक मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगा है। पीड़िता ने जब लगातार हो रहे उत्पीड़न से परेशान होकर पूरी बात अपने पति को बताई तो मामला और गंभीर हो गया। आरोप है कि विरोध करने पर ससुर अपने ही बेटे को कट्टा दिखाकर धमकाता था।

जानकारी के अनुसार, दिलेंद्र तांती (65) पर आरोप है कि वह अपनी बहू गौरी (30) पर गलत नजर रखता था। इस वजह से विवाहिता लंबे समय से मानसिक तनाव और प्रताड़ना का सामना कर रही थी। शुरुआत में उसने परिवार की इज्जत और रिश्तों को बचाने के लिए चुप्पी साधे रखी, लेकिन जब हालात असहनीय हो गए तो उसने अपने पति रंजीत तांती (40) को पूरी आपबीती बताई।

पति ने किया विरोध तो मिली धमकी

परिजनों के मुताबिक, पत्नी की बात सुनने के बाद रंजीत ने कई बार अपने पिता से इस संबंध में बात करने और उन्हें समझाने की कोशिश की। हालांकि, आरोप है कि हर बार दिलेंद्र तांती ने अपनी गलती मानने के बजाय बेटे को ही डराने-धमकाने का रास्ता अपनाया। वह कथित तौर पर कट्टा दिखाकर बेटे को चुप रहने की धमकी देता था, जिससे पूरा परिवार भय के साये में जीने को मजबूर था।

मानसिक प्रताड़ना से परेशान थी विवाहिता

बताया जा रहा है कि बहू लगातार मानसिक प्रताड़ना झेल रही थी। परिवार के भीतर का मामला होने के कारण वह लंबे समय तक किसी से खुलकर शिकायत नहीं कर सकी। आखिरकार उसने अपने पति को सच्चाई बताई, जिसके बाद मामला सामने आया।

पुलिस कर रही मामले की जांच

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी महिला के साथ इस तरह का उत्पीड़न होता है तो उसे चुप रहने के बजाय कानूनी सहायता लेनी चाहिए। ऐसे मामलों में समय पर शिकायत करना बेहद जरूरी है, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।