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टेलीग्राम और गूगल मैप्स रिव्यू के नाम पर 10 लाख की ठगी, फुटेज में देखें हरियाणा साइबर पुलिस ने राजस्थान से आरोपी दबोचा

टेलीग्राम और गूगल मैप्स रिव्यू के नाम पर 10 लाख की ठगी, फुटेज में देखें हरियाणा साइबर पुलिस ने राजस्थान से आरोपी दबोचा
 
टेलीग्राम और गूगल मैप्स रिव्यू के नाम पर 10 लाख की ठगी, फुटेज में देखें हरियाणा साइबर पुलिस ने राजस्थान से आरोपी दबोचा

हरियाणा के नारनौल में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। जिला साइबर क्राइम पुलिस ने टेलीग्राम और गूगल मैप्स रिव्यू के जरिए पार्ट-टाइम जॉब का झांसा देकर 10 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने वाले एक आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से ऑनलाइन फ्रॉड नेटवर्क से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, साइबर ठग लोगों को घर बैठे पार्ट-टाइम नौकरी और आसान कमाई का लालच देते थे। इसके लिए वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम और गूगल मैप्स रिव्यू का इस्तेमाल करते थे। शुरुआत में लोगों को छोटे-छोटे टास्क देकर कुछ पैसे ट्रांसफर किए जाते थे, ताकि उनका भरोसा जीता जा सके। बाद में ज्यादा मुनाफे का लालच देकर उनसे बड़ी रकम निवेश करवाई जाती थी।

जांच में सामने आया कि पीड़ित से अलग-अलग किस्तों में 10 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी की गई। जब पीड़ित को अपने साथ धोखाधड़ी होने का अहसास हुआ तो उसने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

तकनीकी जांच और बैंक खातों के ट्रांजैक्शन की पड़ताल के बाद पुलिस टीम आरोपी तक पहुंची। इसके बाद हरियाणा पुलिस ने राजस्थान में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं।

साइबर क्राइम पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब और निवेश से जुड़े लालच वाले मैसेज से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासतौर पर टेलीग्राम, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाले अनजान ऑफर पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं। अधिकारियों के मुताबिक, समय रहते शिकायत करने पर ठगी गई रकम को ट्रैक करने और वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।

लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच यह मामला एक बार फिर लोगों के लिए चेतावनी बनकर सामने आया है कि ऑनलाइन कमाई के लालच में बिना जांच-पड़ताल किसी पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है।