हनुमानगढ़ एथेनॉल फैक्ट्री विवाद: कमेटी ने सुनी किसानों की शिकायतें, परिसर से लिए सैंपल
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में प्रस्तावित इथेनॉल फैक्ट्री में पर्यावरण के स्टैंडर्ड का आकलन करने के लिए राज्य सरकार की बनाई गई कमेटी रविवार को इंस्पेक्शन के लिए पहुंची। इंस्पेक्शन के दौरान, कमेटी ने टिब्बी के राठीखेड़ा में फैक्ट्री परिसर से पानी समेत कई तरह के सैंपल इकट्ठा किए। इससे पहले, कमेटी ने किसानों के डेलीगेशन की आपत्तियों और शिकायतों को सुनने के लिए टिब्बी तालुका में एक मीटिंग की थी।
इंस्पेक्शन के लिए सैंपलिंग
टिब्बी तालुका के किसानों की आपत्तियों और शिकायतों को सुनने के बाद, कमेटी सीधे राठीखेड़ा में इथेनॉल फैक्ट्री गई। पर्यावरण के असर के आकलन के तहत फैक्ट्री परिसर में सैंपलिंग की गई। इंस्पेक्शन के दौरान ADM उम्मेदीलाल मीणा, SDM सत्यनारायण सुथार, DSP रमेश माचरा समेत कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
कमेटी में शामिल ग्राउंडवाटर डिपार्टमेंट के चीफ इंजीनियर सूरजभान ने कहा कि इकट्ठा किए गए सभी सैंपल की जांच के बाद एक डिटेल्ड रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे के फैसले लिए जाएंगे। गौरतलब है कि गांव वाले लंबे समय से इथेनॉल फैक्ट्री का विरोध कर रहे हैं।
फैक्ट्री में हिंसा भड़क गई।
10 दिसंबर को हुई महापंचायत के बाद प्रदर्शनकारी फैक्ट्री साइट की ओर बढ़े, जहां आगजनी और हिंसा हुई। गांव वालों का आरोप है कि इथेनॉल फैक्ट्री लगने से पानी, मिट्टी और हवा का प्रदूषण बढ़ेगा, जिसका इलाके के पर्यावरण और सेहत पर गंभीर असर पड़ेगा। राज्य सरकार ने इन आरोपों की जांच के लिए यह हाई-लेवल कमेटी बनाई थी। राज्य सरकार अब कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे के फैसले लेगी।
