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आस्थाधाम में हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया, 1100 किलो पंचामृत से हुआ अभिषेक

आस्थाधाम में हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया, 1100 किलो पंचामृत से हुआ अभिषेक
 
आस्थाधाम में हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया, 1100 किलो पंचामृत से हुआ अभिषेक

विश्व विख्यात आस्थाधाम में गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण “जय बजरंगबली” के जयकारों से गूंज उठा।

इस पावन अवसर पर सिद्धपीठ के महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज के सान्निध्य में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से स्वयंभू बालाजी का भव्य अभिषेक किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं में गहरा उत्साह और आस्था देखने को मिली।

जानकारी के अनुसार, अभिषेक के लिए लगभग 1100 किलो पंचामृत का उपयोग किया गया, जिसमें दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का मिश्रण शामिल था। पूरे विधि-विधान के साथ भगवान हनुमान के स्वरूप बालाजी का अभिषेक किया गया, जिसके बाद उन्हें विशेष रूप से सोने का चोला अर्पित किया गया। यह दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में उपस्थित रहे।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर सुबह से ही विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हो गई थी। हवन, आरती, सुंदरकांड पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन दिनभर चलता रहा। भक्तों ने कतारों में लगकर दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया।

पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। स्वयंसेवकों की टीम लगातार भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से उपलब्ध कराने में जुटी रही। स्थानीय प्रशासन ने भी मौके पर निगरानी रखी ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

इस अवसर पर मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया था। फूलों, रोशनी और रंग-बिरंगी सजावट ने पूरे वातावरण को दिव्य और आकर्षक बना दिया। श्रद्धालुओं ने इसे एक आध्यात्मिक और अविस्मरणीय अनुभव बताया।

धार्मिक विशेषज्ञों का कहना है कि हनुमान जन्मोत्सव का पर्व शक्ति, भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है, और इस दिन की गई पूजा-अर्चना विशेष फलदायी मानी जाती है।

कार्यक्रम के अंत में महंत नरेशपुरी महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि भक्ति और सेवा भाव से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और व्यक्ति हर कठिनाई से उबर सकता है।

फिलहाल पूरे आयोजन की चर्चा क्षेत्र में जोर-शोर से हो रही है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसे एक भव्य और ऐतिहासिक आयोजन बता रहे हैं।