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ओलावृष्टि से राजस्थान के किसानों पर दोहरी मार, फसलों को भारी नुकसान

ओलावृष्टि से राजस्थान के किसानों पर दोहरी मार, फसलों को भारी नुकसान
 
ओलावृष्टि से राजस्थान के किसानों पर दोहरी मार, फसलों को भारी नुकसान

राजस्थान में मौसम के अचानक बदले मिजाज और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जिलों में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी गेहूं सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि एक तरफ फसलें बर्बाद हो रही हैं, तो दूसरी ओर मंडियों में उन्हें उचित दाम भी नहीं मिल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर दोहरी मार पड़ रही है।

Rajasthan, India के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते मौसम लगातार अस्थिर बना हुआ है। कहीं तेज बारिश तो कहीं ओलावृष्टि के कारण खेतों में पक चुकी गेहूं की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई जगहों पर बालियां गिर गई हैं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है।

किसानों का कहना है कि फसल कटाई के समय हुई इस प्राकृतिक मार ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। प्रभावित किसानों ने सरकार से तुरंत सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है, ताकि उन्हें हुए नुकसान की भरपाई हो सके।

Rajasthan Agriculture Department के अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित इलाकों में गिरदावरी और फसल नुकसान का आकलन करने के लिए टीमें भेजी जा रही हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर नुकसान का आकलन किया जाएगा और उसके बाद राहत प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

दूसरी ओर, मंडियों में फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने के कारण किसानों को अपेक्षित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। व्यापारी कम दाम पर खरीद कर रहे हैं, जिससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। कई किसानों ने आरोप लगाया है कि उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद उन्हें लाभ नहीं मिल रहा है।

किसान संगठनों ने मांग की है कि सरकार तुरंत विशेष राहत पैकेज की घोषणा करे और प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा दिया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए फसल बीमा योजना को और प्रभावी बनाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसानों को ऐसी परिस्थितियों में सुरक्षा मिल सके।

फिलहाल मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कुछ क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।