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आसाराम को गुजरात हाईकोर्ट से चौथी बार अंतरिम जमानत, मेडिकल ग्राउंड पर 3 सितंबर तक मिली राहत

आसाराम को गुजरात हाईकोर्ट से चौथी बार अंतरिम जमानत, मेडिकल ग्राउंड पर 3 सितंबर तक मिली राहत
 
आसाराम को गुजरात हाईकोर्ट से चौथी बार अंतरिम जमानत, मेडिकल ग्राउंड पर 3 सितंबर तक मिली राहत

आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को गुजरात हाईकोर्ट ने एक बार फिर राहत प्रदान की है। कोर्ट ने मेडिकल कारणों के आधार पर उसे चौथी बार अंतरिम जमानत दी है, जो 3 सितंबर तक प्रभावी रहेगी।

सूत्रों के अनुसार, आसाराम की ओर से दायर याचिका में उनके स्वास्थ्य की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए जमानत की मांग की गई थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के स्वास्थ्य रिकॉर्ड और चिकित्सा रिपोर्टों की समीक्षा के बाद अंतरिम जमानत मंजूर की।

आसाराम पर 2013 में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद से ही वह जेल में है। स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते आसाराम को अब तक कई बार अंतरिम जमानत मिल चुकी है।

गुजरात हाईकोर्ट की इस फैसले से आसाराम को कुछ दिनों के लिए जेल से बाहर रहने का मौका मिलेगा। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि अंतरिम जमानत केवल चिकित्सीय उपचार और स्वास्थ्य कारणों के लिए दी गई है, और इसे सजा के कार्यान्वयन या मुकदमे की प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत द्वारा इस तरह की जमानत देना मेडिकल आपातकालीन परिस्थितियों में न्यायिक प्रणाली का एक आम प्रावधान है, ताकि कैदी का स्वास्थ्य गंभीर रूप से प्रभावित न हो।

आसाराम की ओर से अब चिकित्सा जांच और उपचार की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जिसके लिए उसे जेल से बाहर रहने की अनुमति मिली है। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को भी यह निर्देश दिए हैं कि जमानत अवधि के दौरान उसके स्वास्थ्य पर नजर रखी जाए।

यह मामला मीडिया और जनता में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसमें अपराध और न्याय के बीच संतुलन को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं। न्यायपालिका की ओर से मेडिकल ग्राउंड पर दी जाने वाली जमानत, कानून की मान्यता और मानवाधिकारों के दृष्टिकोण से न्यायसंगत मानी जाती है।