नागौर में सफाई व्यवस्था पर भारी लापरवाही, सड़कों पर फिर फैल रहा कचरा
राजस्थान के नागौर शहर में नगरपरिषद द्वारा चलाए जा रहे सफाई अभियान पर शहरवासी ही सवाल खड़े कर रहे हैं। जहां एक ओर नगरपरिषद लगातार सफाई व्यवस्था को सुधारने के प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों की लापरवाही के कारण साफ-सुथरी सड़कों पर फिर से कचरा फैलने लगा है।
शहर में सफाई कर्मचारियों द्वारा रोजाना सड़कों की सफाई की जाती है, लेकिन इसके कुछ ही समय बाद स्थानीय लोग कचरा खुले में फेंक देते हैं। इससे न केवल सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि शहर की सुंदरता और स्वच्छता पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई जगहों पर कूड़ेदान की व्यवस्था होने के बावजूद लोग कचरा सड़क पर ही डाल देते हैं। इससे नालियों में जाम की समस्या भी बढ़ रही है और गंदगी फैलने से बदबू और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
नगरपरिषद के अधिकारियों का कहना है कि सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जब तक आमजन सहयोग नहीं करेगा, तब तक शहर को पूरी तरह स्वच्छ रखना मुश्किल है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे कचरा केवल निर्धारित स्थानों पर ही डालें और स्वच्छता अभियान में सहयोग करें।
स्वच्छता विशेषज्ञों का मानना है कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। यदि लोग अपनी आदतों में सुधार करें और जिम्मेदारी से व्यवहार करें, तो शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।
इस स्थिति को देखते हुए नगरपरिषद द्वारा जागरूकता अभियान चलाने की भी योजना बनाई जा रही है, ताकि लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा सके।
कुल मिलाकर, सफाई व्यवस्था में सुधार के बावजूद शहरवासियों की लापरवाही के कारण नागौर में स्वच्छता अभियान को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है, और इसके लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी हो गई है।
