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बजरी माफियाओं ने धौलपुर में वनकर्मी के कुचले थे पैर, दो दिन आज अस्पताल में हुई मौत

बजरी माफियाओं ने धौलपुर में वनकर्मी के कुचले थे पैर, दो दिन आज अस्पताल में हुई मौत
 
बजरी माफियाओं ने धौलपुर में वनकर्मी के कुचले थे पैर, दो दिन आज अस्पताल में हुई मौत

धौलपुर में बजरी माफिया के हाथों कुचले गए फॉरेस्ट गार्ड जितेंद्र सिंह शुक्रवार रात जयपुर के एपेक्स हॉस्पिटल में जिंदगी की जंग हार गए। एक्सपर्ट डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था। घायल फॉरेस्ट गार्ड की जान बचाने के लिए उनका बायां पैर काटना पड़ा। मेडिकल टीम ने दो दिन तक गार्ड की जान बचाने की कोशिश की, लेकिन आखिरकार शुक्रवार रात उनकी मौत हो गई। हालांकि, घायल फॉरेस्ट गार्ड ICU में बेहोश रहा।

बजरी माफिया अंडरग्राउंड
इस बीच, पुलिस आरोपी बजरी माफिया सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है। शुक्रवार को पुलिस ने पूछताछ के लिए चार बजरी माफिया सदस्यों को हिरासत में लिया। स्टेशन हाउस ऑफिसर (चीफ इंस्पेक्टर) हरेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि पुलिस ने एक टीम बनाकर आरोपी बजरी माफिया सदस्यों की तलाश में अलग-अलग छापेमारी की। पुलिस ने पूछताछ के लिए चार लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस चारों लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस की छापेमारी देखकर बजरी माफिया सदस्य अंडरग्राउंड हो गए हैं।

माफिया ने ट्रैक्टर ट्रॉली से कुचला

गौरतलब है कि बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात को सरमथुरा थाना इलाके के जीरी चेकपॉइंट पर तैनात फॉरेस्ट गार्ड जितेंद्र को बजरी माफिया की ट्रैक्टर ट्रॉली ने कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल फॉरेस्ट गार्ड को सरमथुरा के डॉक्टरों ने जयपुर हायर सेंटर रेफर कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बजरी माफिया मौके से फरार हो गए।

टाइगर रिजर्व रेंजर देवेंद्र सिंह चौहान ने सरमथुरा थाने में अज्ञात ट्रैक्टर ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कराया है। बजरी माफिया की टक्कर से फॉरेस्ट गार्ड की जांघ के ऊपर से ट्रैक्टर ट्रॉली का पहिया गुजर गया, जिससे उसकी जांघ और पैर में गंभीर चोटें आईं। गहरे घाव से काफी खून बह रहा था।