आरजीएचएस योजना को लेकर सरकार का जवाब, अब तक 3 हजार करोड़ रुपये का भुगतान; अनियमितताओं पर सख्त निगरानी का दावा
राजस्थान में आरजीएचएस (Rajasthan Government Health Scheme – Rajasthan Government Health Scheme) को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों के बाद राज्य सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। सरकार का कहना है कि इस योजना को लगातार और अधिक सुदृढ़ बनाया जा रहा है तथा इसमें शामिल सभी हितधारकों—अस्पतालों, फार्मेसी और अन्य सेवा प्रदाताओं—के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, आरजीएचएस योजना के संचालन में पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। सरकार ने दावा किया है कि योजना के तहत अनियमितताओं पर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की गई है और निगरानी तंत्र को भी मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को समय रहते रोका जा सके।
राज्य सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष में अब तक अस्पतालों और फार्मेसी को लगभग 3 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सरकार का कहना है कि यह भुगतान चरणबद्ध तरीके से और निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई असर न पड़े।
इसके साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि शेष बकाया भुगतान भी बजट उपलब्धता के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, वित्तीय प्रबंधन को संतुलित रखते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अस्पतालों और दवा विक्रेताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सरकार का यह भी कहना है कि आरजीएचएस योजना राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा कवच है, और इसे बेहतर बनाने के लिए लगातार तकनीकी और प्रशासनिक सुधार किए जा रहे हैं।
वहीं, विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर सरकार ने कहा है कि योजना को लेकर जो भी मुद्दे उठाए गए हैं, उन पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और आवश्यक सुधारात्मक कदम भी समय-समय पर उठाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी योजना के संचालन में वित्तीय और प्रशासनिक चुनौतियां स्वाभाविक हैं, लेकिन नियमित भुगतान और निगरानी व्यवस्था से सिस्टम को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलती है।
फिलहाल सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि आरजीएचएस योजना को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम जारी रहेगा और सभी हितधारकों के सहयोग से इसे बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
