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गोविंद देवजी मंदिर का महाकाल की तर्ज पर विकास अब तेजी से होगा

 
गोविंद देवजी मंदिर का महाकाल की तर्ज पर विकास अब तेजी से होगा

जयपुर के प्रसिद्ध गोविंद देवजी मंदिर का विकास अब महाकाल की तर्ज पर किया जाएगा। यह ऐतिहासिक घोषणा पिछली सरकार द्वारा बजट में किए गए प्रावधानों के अनुरूप है, लेकिन अब इस पर वास्तविक कार्यवाही शुरू होने जा रही है।

राजस्थान विधानसभा में देर रात अनुदान मांगों पर हुई बहस के दौरान यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि मंदिर के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि मंदिर के आसपास के क्षेत्र का संपूर्ण विकास योजना के तहत किया जाएगा, ताकि भक्तों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

मंत्री खर्रा ने कहा कि गोविंद देवजी मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जयपुर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का हिस्सा भी है। इसलिए इसे महाकाल मंदिर की तर्ज पर विकसित करने की योजना तैयार की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्य में पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का संतुलन रखा जाएगा।

गोविंद देवजी मंदिर जयपुर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और यहां सालभर में हजारों श्रद्धालु आते हैं। मंदिर परिसर का वर्तमान स्वरूप पुराना और कुछ जगहों पर जर्जर हो चुका है। पिछले कुछ वर्षों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण यहां सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही थी।

मंत्री खर्रा ने बताया कि विकास कार्य के दौरान मंदिर के ऐतिहासिक स्वरूप को बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मंदिर के प्रांगण, प्रवेश द्वार, गलियारे और पूजा स्थलों का नवीनीकरण किया जाएगा। इसके अलावा, मंदिर परिसर में पार्किंग, साफ-सफाई, सुरक्षा और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

पूर्व सरकार ने बजट में इस विकास के लिए निधि की घोषणा की थी, लेकिन विभिन्न औपचारिकताओं और योजनाओं की समीक्षा के कारण कार्य में देरी हो रही थी। अब यूडीएच मंत्रालय ने योजना को अंतिम रूप देकर जल्द ही कार्य शुरू करने का निर्णय लिया है। मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से न केवल धार्मिक महत्व को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जयपुर शहर का पर्यटन और अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि गोविंद देवजी मंदिर के विकास से आसपास के क्षेत्र का भी कायापलट होगा। सड़क, यातायात व्यवस्था और स्थानीय बाजारों में सुधार से लोगों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही मंदिर के आसपास के अतिक्रमण को हटाकर एक व्यवस्थित और आकर्षक वातावरण तैयार किया जाएगा।

मंत्री खर्रा ने विधानसभा में यह भी आश्वासन दिया कि मंदिर के विकास कार्य में पारदर्शिता बरती जाएगी और सभी कार्य योजनाबद्ध तरीके से पूरे होंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जयपुर के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को नई ऊँचाई पर ले जाएगी।

इस विकास कार्य के बाद गोविंद देवजी मंदिर केवल जयपुर के भक्तों के लिए ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं से लैस होना धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

गोविंद देवजी मंदिर का महाकाल की तर्ज पर विकास जयपुर की विरासत को संजोने और शहर को धार्मिक पर्यटन का हब बनाने में सहायक साबित होगा।