हनुमानगढ़ जंक्शन और पीलीबंगा मंडी में MSP पर सरकारी खरीद शुरू, प्रशासन के निरीक्षण के बाद बदले हालात
हनुमानगढ़ जिले की मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू हो गई है। पीलीबंगा मंडी और हनुमानगढ़ जंक्शन मंडी में लंबे इंतजार के बाद खरीद कार्य शुरू होने से किसानों को बड़ी राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार, सरकारी खरीद व्यवस्था की धीमी गति को लेकर किसानों में असंतोष बढ़ रहा था। कई दिनों से किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में इंतजार कर रहे थे, लेकिन खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जैसे ही मीडिया में यह खबर सामने आई, प्रशासन सक्रिय हुआ और हालात की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने मंडियों का निरीक्षण शुरू किया।
जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने मंडियों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान खुशाल यादव ने हनुमानगढ़ जंक्शन और पीलीबंगा मंडी में पहुंचकर खरीद प्रक्रिया की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर अव्यवस्थाएं सामने आईं, जिसके बाद अधिकारियों को तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के बाद मंडियों में सरकारी खरीद की गति में तेजी देखने को मिली और व्यवस्थाएं सुधारने के प्रयास शुरू किए गए। किसानों ने बताया कि अब उनकी फसल की तुलाई और खरीद प्रक्रिया में तेजी आई है, जिससे उन्हें राहत मिली है।
किसानों का कहना है कि यदि समय पर MSP पर खरीद नहीं होती है तो उन्हें अपनी उपज कम दामों पर निजी व्यापारियों को बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ऐसे में सरकारी खरीद का समय पर शुरू होना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस बार खरीद शुरू होने से उन्हें उचित मूल्य मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
राजस्थान सरकार की ओर से मंडियों में खरीद व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही, खरीद केंद्रों पर तौल, भुगतान और भंडारण व्यवस्था को भी मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मंडियों में पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल मंडियों में खरीद प्रक्रिया सामान्य रूप से शुरू हो चुकी है और किसानों को धीरे-धीरे राहत मिलती दिखाई दे रही है। प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में व्यवस्था पूरी तरह से सुचारू हो जाएगी और किसानों को समय पर भुगतान भी सुनिश्चित किया जाएगा।
