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जालोर में राजकीय अस्पताल मोर्चरी विवाद: शव सौंपने से पहले परिजनों से 2000 रुपये मांगने का आरोप

जालोर में राजकीय अस्पताल मोर्चरी विवाद: शव सौंपने से पहले परिजनों से 2000 रुपये मांगने का आरोप
 
जालोर में राजकीय अस्पताल मोर्चरी विवाद: शव सौंपने से पहले परिजनों से 2000 रुपये मांगने का आरोप

राजस्थान के जालोर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। आहोर के राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में कथित तौर पर शव सौंपने से पहले परिजनों से 2000 रुपये मांगे जाने का आरोप लगा है। यह घटना अस्पताल प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच संतुलन को झकझोरने वाली साबित हुई है।

जानकारी के अनुसार, शव सौंपने के लिए परिजनों से पैसे मांगने का आरोप मोर्चरी कर्मचारी पर है। मामले का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें यह स्पष्ट रूप से दिखाया गया है कि परिजन पैसे देने के लिए बाध्य हैं। वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत जांच शुरू कर दी गई।

स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि अस्पताल जैसे सरकारी संस्थान में इस प्रकार का अनैतिक व्यवहार अत्यंत शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोर्चरी कर्मचारियों द्वारा ऐसा करना मानवाधिकार और सामाजिक नैतिकता के खिलाफ है।

अस्पताल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच समिति का गठन किया। अधिकारियों ने कहा कि यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजकीय अस्पताल में किसी भी प्रकार की रिश्वत या पैसे की मांग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राजनीतिक और सामाजिक विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में इस प्रकार की घटनाओं से जनता का विश्वास कमजोर होता है। उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अपील की है कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति न हो।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को भी सक्रिय होने पर मजबूर कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि राज्यभर के अस्पतालों में नियमों और प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी।

जालोर जिले के अधिकारीयों ने कहा कि परिजनों के साथ हुई यह घटना अस्वीकार्य और अपमानजनक है। उन्होंने आश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और मृतकों के परिजनों की मानवीय मदद सुनिश्चित की जाएगी।

कुल मिलाकर, जालोर के आहोर राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में शव सौंपने से पहले पैसे मांगने का मामला मानवता और सरकारी संस्थानों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और अस्पताल प्रशासन की जांच इस मामले की गंभीरता को उजागर करती है। अधिकारीयों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर संपूर्ण कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।