सोने-चांदी में जबरदस्त उछाल, चांदी 15 हजार बढ़कर 2.87 लाख प्रति किलो पहुंची, बाजार में हलचल
कीमती धातुओं के बाजार में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। सोने और चांदी दोनों के भावों में अचानक आई उछाल ने सर्राफा बाजार में हलचल मचा दी। खासतौर पर चांदी के दामों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जहां कीमतें 15,000 रुपए प्रति किलोग्राम तक उछलकर 2,87,000 रुपए प्रति किग्रा के स्तर पर पहुंच गईं। इस तेजी से निवेशकों और कारोबारियों के साथ आम उपभोक्ता भी हैरान नजर आए।
सर्राफा व्यापारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार मजबूती बनी हुई थी, जिसका असर अब घरेलू बाजार में साफ दिखाई दे रहा है। डॉलर में उतार-चढ़ाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और निवेशकों का सुरक्षित निवेश की ओर रुझान बढ़ने से सोना-चांदी की मांग में तेजी आई है।
बुधवार सुबह बाजार खुलते ही चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। एक ही दिन में 15 हजार रुपए की वृद्धि ने कारोबारियों को चौंका दिया। वहीं सोने के भावों में भी अच्छी-खासी बढ़त दर्ज की गई। स्थानीय बाजार में ग्राहकों की खरीदारी पर इसका सीधा असर पड़ा है। ऊंचे दामों के चलते आभूषणों की खरीदारी फिलहाल धीमी पड़ गई है।
व्यापारियों का कहना है कि शादी-विवाह का सीजन होने के बावजूद ग्राहक कीमतें स्थिर होने का इंतजार कर रहे हैं। अचानक आई तेजी के कारण कई लोगों ने फिलहाल खरीदारी टाल दी है। हालांकि निवेश के नजरिए से कुछ लोग अब भी सोना-चांदी खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं, क्योंकि इन्हें सुरक्षित निवेश माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक हालात, महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव के चलते कीमती धातुओं में निवेश बढ़ रहा है। यही कारण है कि कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। यदि यही रुझान जारी रहा तो आने वाले दिनों में दाम और बढ़ सकते हैं।
स्थानीय सर्राफा संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि बाजार में स्टॉक की मांग भी बढ़ रही है। निवेशक चांदी को बड़े पैमाने पर खरीद रहे हैं, जिससे कीमतों में तेजी बनी हुई है। उन्होंने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि खरीदारी से पहले बाजार की स्थिति को ध्यान में रखें।
कुल मिलाकर, सोने-चांदी की कीमतों में आई इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी ने बाजार का रुख बदल दिया है। अब सभी की नजरें आने वाले दिनों के भावों पर टिकी हैं कि यह तेजी कब तक कायम रहती है और ग्राहकों को कब राहत मिलती है।
