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एक महीने में सोना 10,700 और चांदी 44 हजार रुपए सस्ती: कीमतें गिरने के बाद भी निवेश से बच रहे खरीदार, दिवाली से पहले बाजार में सुस्ती

 
एक महीने में सोना 10,700 और चांदी 44 हजार रुपए सस्ती: कीमतें गिरने के बाद भी निवेश से बच रहे खरीदार, दिवाली से पहले बाजार में सुस्ती

सोने और चांदी की कीमतों में अक्टूबर महीने के दौरान बड़ी गिरावट देखने को मिली है। पिछले एक महीने में सोना करीब 10,700 रुपए और चांदी लगभग 44 हजार रुपए प्रति किलो तक सस्ती हुई है। दिवाली और धनतेरस जैसे त्योहारों से पहले कीमतों में आई इस गिरावट से खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन बाजार में निवेश को लेकर अभी भी सतर्कता बनी हुई है।कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण ग्राहक खरीदारी का फैसला टाल रहे हैं। कई निवेशक इस इंतजार में हैं कि कीमतों में और गिरावट आती है या नहीं। वहीं, ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहक भी बाजार की चाल पर नजर बनाए हुए हैं।

अक्टूबर में सोने-चांदी के भाव में गिरावट

अक्टूबर में सोने और चांदी दोनों की कीमतों पर दबाव रहा। 30 अक्टूबर के अखिल भारतीय बुलियन संदर्भ भाव के अनुसार, 24 कैरेट सोना 1,44,188 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 1,94,872 रुपए प्रति किलो पर रही। अक्टूबर की शुरुआत की तुलना में सोने में करीब 6,500 रुपए और चांदी में लगभग 31 हजार रुपए प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई।हालांकि, अलग-अलग बाजारों और कारोबार के प्लेटफॉर्म पर कीमतों में अंतर हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य शुल्क जुड़ने से अंतिम कीमत भी बढ़ जाती है।

कीमतें गिरने के बाद भी खरीदार सतर्क

सोने-चांदी के भाव कम होने के बावजूद ग्राहक एकमुश्त निवेश करने से बच रहे हैं। इसकी बड़ी वजह बाजार में जारी अनिश्चितता और आगे कीमतें और नीचे जाने की आशंका है। विशेषज्ञों के मुताबिक, कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव के दौरान निवेशकों को एक ही बार में पूरी रकम लगाने के बजाय अलग-अलग समय पर खरीदारी करने पर विचार करना चाहिए।

क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, महंगाई की चिंता और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता का असर कीमती धातुओं पर पड़ा है। ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना से सोने में निवेश का आकर्षण प्रभावित होता है, क्योंकि सोने से नियमित ब्याज नहीं मिलता। इसके अलावा डॉलर की मजबूती और निवेशकों की मुनाफावसूली भी कीमतों में गिरावट की वजह बनी है।

दिवाली और धनतेरस पर खरीदारी की उम्मीद

दिवाली और धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसे में ज्वेलरी कारोबारियों को उम्मीद है कि कीमतों में आई गिरावट से ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। कुछ ज्वेलर्स ने अक्टूबर के अंतिम दिनों में शोरूम पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने की बात भी कही है। हालांकि, कीमतें कम होने के बावजूद बिक्री में कितनी तेजी आएगी, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।फिलहाल सोने-चांदी का बाजार उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेश से पहले अपनी जरूरत, निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।###