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वैश्विक अस्थिरता का असर, सर्राफा बाजार में सोना-चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, फुटेज में देंखे कीमतें ऑल टाइम हाई पर

वैश्विक अस्थिरता का असर, सर्राफा बाजार में सोना-चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, फुटेज में देंखे कीमतें ऑल टाइम हाई पर
 
वैश्विक अस्थिरता का असर, सर्राफा बाजार में सोना-चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, फुटेज में देंखे कीमतें ऑल टाइम हाई पर

दुनियाभर के वैश्विक बाजारों में जारी अस्थिरता का असर अब कीमती धातुओं पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ती रुचि के चलते सोना और चांदी लगातार मजबूत हो रहे हैं। इसका सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार पर पड़ा है, जहां सोने-चांदी की कीमतों ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

बुधवार को राजस्थान के सर्राफा बाजार में स्टैंडर्ड सोने की कीमत में एक ही दिन में रिकॉर्ड 9 हजार 750 रुपए की जोरदार तेजी दर्ज की गई। इस उछाल के बाद 10 ग्राम सोने का भाव 1 लाख 60 हजार रुपए तक पहुंच गया, जो अब तक का ऑल टाइम हाई स्तर माना जा रहा है। बाजार जानकारों के मुताबिक, इससे पहले कभी भी सोना इतनी ऊंचाई पर नहीं पहुंचा था। अचानक आई इस तेजी ने न सिर्फ आम लोगों को चौंका दिया है, बल्कि पूरे बाजार में हलचल मचा दी है।

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। एक ही दिन में चांदी के दाम 10 हजार रुपए बढ़ गए। इसके बाद 1 किलो चांदी का भाव 3 लाख 22 हजार रुपए तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। चांदी की कीमतों में आई इस तेजी को भी ऐतिहासिक माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक मांग, निवेशकों की खरीदारी और वैश्विक बाजारों में डॉलर की कमजोरी ने चांदी को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

लगातार बढ़ती कीमतों ने आम खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है। शादी-विवाह और अन्य शुभ कार्यों के लिए सोना-चांदी खरीदने वाले लोग अब असमंजस में हैं। कई ग्राहकों ने खरीदारी टालने का मन बना लिया है, जबकि कुछ लोग कीमतें और बढ़ने के डर से मजबूरी में खरीदारी कर रहे हैं। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि ऊंचे दामों के चलते बाजार में ग्राहकी पर असर पड़ा है और आभूषणों की बिक्री धीमी हो गई है।

वहीं दूसरी ओर निवेशकों और व्यापारियों के बीच गतिविधियां तेज हो गई हैं। निवेशक सोने-चांदी को सुरक्षित निवेश मानते हुए इसमें पैसा लगा रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बनी रहेगी, तब तक कीमती धातुओं की कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है। अमेरिका और यूरोप में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय तनाव जैसे कारक सोने-चांदी को सपोर्ट दे रहे हैं।

सर्राफा बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, मौजूदा हालात में सोना और चांदी दोनों ही मजबूत स्थिति में हैं। ऐसे में आम उपभोक्ताओं के लिए जहां खरीदारी मुश्किल होती जा रही है, वहीं निवेशकों के लिए यह समय फायदे का साबित हो सकता है।

कुल मिलाकर, वैश्विक अस्थिरता ने भारतीय सर्राफा बाजार को नई दिशा दे दी है। सोना और चांदी दोनों ही ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच चुके हैं और आने वाले समय में इनकी चाल पर देश-दुनिया की आर्थिक परिस्थितियों की अहम भूमिका रहने वाली है।