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डेजर्ट नेशनल पार्क में गोडावण संरक्षण को मिल रही नई गति, ब्रीडिंग सेंटर निभा रहे अहम भूमिका

डेजर्ट नेशनल पार्क में गोडावण संरक्षण को मिल रही नई गति, ब्रीडिंग सेंटर निभा रहे अहम भूमिका
 
डेजर्ट नेशनल पार्क में गोडावण संरक्षण को मिल रही नई गति, ब्रीडिंग सेंटर निभा रहे अहम भूमिका

डेजर्ट नेशनल पार्क क्षेत्र में विलुप्तप्राय पक्षी गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) के संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों को नई दिशा मिल रही है। सुदासरी और रामदेवरा में स्थापित ब्रीडिंग सेंटर इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इन केंद्रों में आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों की मदद से गोडावण के प्रजनन को बढ़ावा दिया जा रहा है। विशेषज्ञों की देखरेख में अंडों से चूजों के सुरक्षित निकलने और उनके पालन-पोषण की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि इस दुर्लभ प्रजाति की संख्या को बढ़ाया जा सके।

वन्यजीव विभाग के अनुसार, गोडावण भारत के सबसे संकटग्रस्त पक्षियों में से एक है, जिसकी संख्या में पिछले कुछ वर्षों में लगातार गिरावट देखी गई है। ऐसे में कैप्टिव ब्रीडिंग सेंटर इस प्रजाति को बचाने की दिशा में एक उम्मीद की किरण साबित हो रहे हैं।

सुदासरी और रामदेवरा स्थित केंद्रों में तापमान नियंत्रित वातावरण, निगरानी प्रणाली और विशेषज्ञों की टीम लगातार इस प्रक्रिया पर नजर रखती है। यहां अंडों की सुरक्षा से लेकर चूजों के विकास तक हर चरण पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्रयासों से आने वाले वर्षों में गोडावण की संख्या में सुधार संभव है, बशर्ते उनके प्राकृतिक आवासों का संरक्षण भी समान रूप से किया जाए।

स्थानीय स्तर पर भी इन संरक्षण प्रयासों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और लोग वन्यजीव संरक्षण के महत्व को समझने लगे हैं।

फिलहाल सुदासरी और रामदेवरा के ब्रीडिंग सेंटर गोडावण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक पहल के रूप में उभर रहे हैं, जो इस दुर्लभ प्रजाति के भविष्य के लिए आशा की नई किरण लेकर आए हैं।