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गिरल माइंस आंदोलन तेज: 9वें दिन भी धरना जारी, विधायक भाटी की चेतावनी—“मांगें नहीं मानी तो सरकार-प्रशासन तैयार रहे”

गिरल माइंस आंदोलन तेज: 9वें दिन भी धरना जारी, विधायक भाटी की चेतावनी—“मांगें नहीं मानी तो सरकार-प्रशासन तैयार रहे”
 
गिरल माइंस आंदोलन तेज: 9वें दिन भी धरना जारी, विधायक भाटी की चेतावनी—“मांगें नहीं मानी तो सरकार-प्रशासन तैयार रहे”

राजस्थान के जैसलमेर जिले में गिरल माइंस को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे स्थानीय विधायक अब आंदोलन के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं और लगातार नौवें दिन भी धरना जारी है।

धरने का नेतृत्व कर रहे विधायक भाटी ने सरकार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि क्षेत्र की मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आने वाले समय में आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार और प्रशासन को स्थिति के परिणामों के लिए तैयार रहना चाहिए।

Giral Mines क्षेत्र में चल रहे इस आंदोलन में स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। आंदोलनकारियों का कहना है कि खनन क्षेत्र से जुड़े रोजगार, सुविधाओं और स्थानीय हितों की अनदेखी की जा रही है।

विधायक भाटी ने आरोप लगाया कि कई बार बातचीत के बावजूद अब तक ठोस समाधान नहीं निकला है। उन्होंने मांग की कि क्षेत्रीय विकास, रोजगार सुरक्षा और स्थानीय लोगों के हितों को प्राथमिकता दी जाए।

धरना स्थल पर बड़ी संख्या में लोग लगातार जुट रहे हैं, जिससे माहौल में राजनीतिक और सामाजिक तनाव बढ़ता दिख रहा है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं, लेकिन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी तैयार रखी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह आंदोलन लंबे समय तक जारी रहा तो खनन गतिविधियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।