Aapka Rajasthan

गहलोत बोले- भाजपा-RSS का वंदे मातरम् से कभी वास्ता नहीं रहा, अमित शाह के बयान पर साधा निशाना

गहलोत बोले- भाजपा-RSS का वंदे मातरम् से कभी वास्ता नहीं रहा, अमित शाह के बयान पर साधा निशाना
 
गहलोत बोले- भाजपा-RSS का वंदे मातरम् से कभी वास्ता नहीं रहा, अमित शाह के बयान पर साधा निशाना

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS पर निशाना साधा है। गहलोत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान को लेकर कहा कि भाजपा और RSS का ‘वंदे मातरम्’ से कभी कोई वास्ता नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता इतिहास को अपने राजनीतिक नजरिए से पेश कर रहे हैं।

गहलोत ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ देश के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा महत्वपूर्ण गीत रहा है और इसका इतिहास काफी पुराना है। उन्होंने दावा किया कि RSS ने कभी इसे अपना आधिकारिक गीत नहीं बनाया।

अमित शाह के बयान पर गहलोत का पलटवार

अशोक गहलोत ने अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब उन्होंने इतिहास को लेकर ज्ञान बांटना शुरू किया तो इतिहास के जानकारों को हंसी आ गई। गहलोत ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और उस दौर में ‘वंदे मातरम्’ की भूमिका को समझना जरूरी है।

उन्होंने भाजपा और RSS पर इतिहास को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। गहलोत के मुताबिक, ‘वंदे मातरम्’ का सम्मान पूरे देश में है और इसे किसी राजनीतिक संगठन की विचारधारा से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

RSS को लेकर भी किया दावा

गहलोत ने कहा कि RSS ने ‘वंदे मातरम्’ को कभी अपना गीत नहीं बनाया। उन्होंने भाजपा और RSS के इतिहास को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान दोनों संगठनों की भूमिका को लेकर सार्वजनिक रिकॉर्ड और ऐतिहासिक तथ्यों को देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में ‘वंदे मातरम्’ लोगों के बीच राष्ट्रीय भावना और देशभक्ति का प्रतीक बन गया था। ऐसे में इसके इतिहास को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं फैलाया जाना चाहिए।

सियासी बयानबाजी तेज

‘वंदे मातरम्’ को लेकर गहलोत के बयान के बाद राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। भाजपा और कांग्रेस के बीच राष्ट्रीय प्रतीकों और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर पहले भी राजनीतिक मतभेद सामने आते रहे हैं।

गहलोत ने कहा कि इतिहास को राजनीतिक विवाद का विषय बनाने के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा नेताओं से इतिहास की सही जानकारी रखने और देश के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले सभी लोगों और आंदोलनों का सम्मान करने की बात कही।

इस मुद्दे पर अब भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया आने पर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है। फिलहाल गहलोत के बयान ने ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास और RSS की भूमिका को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।