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राजस्थान निकाय चुनाव पर गहलोत का BJP पर हमला, वीडियो में बोले- सरकारी मशीनरी और पुलिस से लोकतंत्र को प्रभावित करने की कोशिश

राजस्थान निकाय चुनाव पर गहलोत का BJP पर हमला, वीडियो में बोले- सरकारी मशीनरी और पुलिस से लोकतंत्र को प्रभावित करने की कोशिश
 
राजस्थान निकाय चुनाव पर गहलोत का BJP पर हमला, वीडियो में बोले- सरकारी मशीनरी और पुलिस से लोकतंत्र को प्रभावित करने की कोशिश

राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के बाद बोर्ड गठन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर निकाय चुनाव में कथित तौर पर बेईमानी, धनबल और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने अपने बोर्ड बनाने के लिए पुलिस, प्रशासन और सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर नवनिर्वाचित पार्षदों को प्रभावित करने की कोशिश की।

गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा सरकार ने कथित तौर पर बेईमानी और बेशर्मी की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने आरोप लगाया कि निकायों में अपने बोर्ड बनाने के लिए नियम-कानून और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की अनदेखी की गई।

सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का लगाया आरोप

गहलोत ने दावा किया कि सरकार ने पुलिस और पूरे प्रशासनिक तंत्र को चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि शायद ही कोई ऐसा निकाय बचा हो, जहां सत्ता और धनबल के जरिए जनमत को प्रभावित करने का प्रयास नहीं किया गया हो।पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि राजस्थान में इस तरह की स्थिति की कल्पना नहीं की जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि नवनिर्वाचित पार्षदों पर अलग-अलग तरीकों से दबाव बनाया जा रहा है।

अफसरों को दी चेतावनी

गहलोत ने कथित तौर पर पक्षपातपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारियों को भी चेतावनी दी। उनका कहना है कि सरकारी पदों पर बैठे अधिकारियों को राजनीतिक दबाव से अलग रहकर कानून और नियमों के अनुसार काम करना चाहिए। निकाय प्रमुखों के चुनाव के दौरान कांग्रेस की ओर से पुलिस और प्रशासन की भूमिका को लेकर पहले भी सवाल उठाए गए हैं।

दो करोड़ रुपये तक के कथित ऑफर का दावा

गहलोत ने निकाय बोर्ड गठन के दौरान पार्षदों को प्रभावित करने के लिए कथित तौर पर धनबल के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने कुछ पार्षदों को दो करोड़ रुपये तक के कथित ऑफर दिए जाने का दावा किया है। उन्होंने कांग्रेस पार्षदों पर नोटिस, पुलिस कार्रवाई और अन्य प्रशासनिक दबाव बनाए जाने के आरोप भी लगाए।

भाजपा ने आरोपों को खारिज किया

गहलोत के आरोपों पर भाजपा की ओर से इन्हें खारिज किया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा है कि पार्टी ने सत्ता का दुरुपयोग नहीं किया और पार्षदों को अपनी पसंद के अनुसार मतदान करने की स्वतंत्रता है। ऐसे में निकाय बोर्ड गठन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।निकाय चुनाव के परिणामों के बाद कई जगह बोर्ड गठन और प्रमुख पदों के चुनाव को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक खींचतान बढ़ी है। कांग्रेस जहां प्रशासनिक दबाव और कथित खरीद-फरोख्त के आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा इन आरोपों को खारिज करते हुए चुनावी प्रक्रिया को लोकतांत्रिक बता रही है।