जयपुर में ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’: गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग, हजारों लोग सड़कों पर उतरे
राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार को गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर बड़ा जनआंदोलन देखने को मिला। ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और सरकार से गौ संरक्षण को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की।
अभियान के तहत निकाली गई रैली मानसरोवर स्थित वी.टी. रोड ग्राउंड से शुरू हुई। इसमें विभिन्न संप्रदायों के संत-महात्मा, गोभक्त, धार्मिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। रैली में शामिल लोगों ने गौ संरक्षण के समर्थन में नारे लगाए और गाय को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने की मांग उठाई।
संतों और गोभक्तों ने लिया हिस्सा
रैली में बड़ी संख्या में साधु-संतों और गोसेवकों की मौजूदगी रही। आयोजकों ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य देशभर में गाय के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है, इसलिए इसे राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाना चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने मांग की कि देश में गौ हत्या पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए और इसके लिए एक सख्त केंद्रीय कानून बनाया जाए। उनका कहना है कि गौवंश की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक समान नीति की आवश्यकता है।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन
रैली के समापन के बाद अभियान से जुड़े लोग जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। ज्ञापन में गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने, गौ हत्या पर प्रतिबंध लगाने और गौ संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की जाएगी।
आयोजकों ने बताया कि यह अभियान केवल जयपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के 790 जिलों में एक साथ आयोजित किया जा रहा है। इसके जरिए केंद्र सरकार तक गौ संरक्षण से जुड़ी मांगों को पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
देशभर में चलाया जा रहा अभियान
‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत अलग-अलग राज्यों में रैलियां और कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि गायों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आने की जरूरत है।
वहीं, प्रशासन ने रैली को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए। बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने के कारण कई जगहों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे।
जयपुर में हुए इस प्रदर्शन के बाद अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि सरकार की ओर से इन मांगों को लेकर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
