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शाही विरासत से जनसेवा तक: Curly Tales इंटरव्यू में सामने आए डिप्टी सीएम दिया कुमारी के अनछुए पहलू

शाही विरासत से जनसेवा तक: Curly Tales इंटरव्यू में सामने आए डिप्टी सीएम दिया कुमारी के अनछुए पहलू
 
शाही विरासत से जनसेवा तक: Curly Tales इंटरव्यू में सामने आए डिप्टी सीएम दिया कुमारी के अनछुए पहलू

राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी अपनी शालीनता, सादगी और ग्रेसफुल लाइफस्टाइल के लिए न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचानी जाती हैं। शाही विरासत से ताल्लुक रखने वाली दिया कुमारी ने हमेशा राजस्थानी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को गर्व के साथ राष्ट्रीय और वैश्विक मंचों पर प्रस्तुत किया है। आज वे प्रदेश की महिलाओं और युवाओं के लिए एक सशक्त रोल मॉडल बन चुकी हैं, जो विरासत और जनता की सेवा के बीच बेहतरीन संतुलन बनाकर आगे बढ़ रही हैं।

अक्सर लोग दिया कुमारी को एक सशक्त राजनीतिक शख्सियत के रूप में देखते हैं, लेकिन हाल ही में ट्रैवल और लाइफस्टाइल प्लेटफॉर्म ‘Curly Tales’ को दिए गए एक विशेष इंटरव्यू में उनके निजी जीवन के कई ऐसे पहलू सामने आए, जिनसे उनकी एक अलग और मानवीय छवि उभरकर सामने आई।

इस इंटरव्यू में दिया कुमारी ने अपनी दिनचर्या, पसंद-नापसंद और जीवन के मूल मंत्रों पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि शाही परिवार से होने के बावजूद उनका जीवन अनुशासन, सादगी और सेवा भावना से जुड़ा हुआ है। वे मानती हैं कि जिम्मेदार पद पर रहने के लिए आत्मसंयम और विनम्रता बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि सत्ता नहीं, बल्कि सेवा का भाव ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

दिया कुमारी ने इंटरव्यू में यह भी साझा किया कि वे आज भी पारंपरिक राजस्थानी पहनावे, खानपान और संस्कृति से गहरा जुड़ाव रखती हैं। उन्हें स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प और लोक कला बेहद पसंद है और वे जहां भी जाती हैं, राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाने का प्रयास करती हैं। यही कारण है कि वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारतीय और खासतौर पर राजस्थानी संस्कृति की सशक्त प्रतिनिधि मानी जाती हैं।

उन्होंने महिलाओं को लेकर भी अहम संदेश दिया। दिया कुमारी का कहना है कि आज की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, बस उन्हें सही दिशा, आत्मविश्वास और अवसर की जरूरत है। वे मानती हैं कि महिलाएं अगर अपनी जड़ों से जुड़ी रहें और आत्मनिर्भर बनें, तो वे समाज और राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।

युवाओं को लेकर उन्होंने कहा कि आज का युवा देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्हें केवल नौकरी के पीछे नहीं भागना चाहिए, बल्कि समाज के लिए कुछ करने का लक्ष्य भी रखना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी संस्कृति और मूल्यों को समझें और आधुनिकता के साथ संतुलन बनाकर आगे बढ़ें।

Curly Tales के इस इंटरव्यू ने दिया कुमारी की उस छवि को सामने रखा है, जो राजनीति से इतर एक संवेदनशील, सुलझी हुई और प्रेरणादायक व्यक्तित्व की है। यह बातचीत बताती है कि कैसे वे शाही विरासत की गरिमा को बनाए रखते हुए आमजन से जुड़ी हुई हैं और प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।

आज दिया कुमारी केवल एक उपमुख्यमंत्री नहीं, बल्कि ऐसी नेतृत्वकर्ता हैं जो परंपरा और प्रगति के बीच पुल बनकर खड़ी हैं। उनका जीवन और सोच आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती जा रही है।