चित्तौड़गढ़ में डूबने से चार की दर्दनाक मौत, गंभीरी डैम और राजेश्वर तालाब में हादसों से पसरा मातम
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां निम्बाहेड़ा और कपासन क्षेत्र में पानी में डूबने से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। दो अलग-अलग हादसों में गंभीरी डैम में चाचा-भतीजी, जबकि राजेश्वर तालाब में जीजा-साली की डूबने से जान चली गई। इन हादसों के बाद पूरे इलाके में शोक और सनसनी का माहौल है।
जानकारी के अनुसार पहला हादसा निम्बाहेड़ा के गंभीरी डैम में हुआ, जहां एक चाचा और उसकी भतीजी पानी में डूब गए। बताया जा रहा है कि किसी कारणवश दोनों गहरे पानी में चले गए और बाहर नहीं निकल सके। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
वहीं दूसरा हादसा कपासन के राजेश्वर तालाब में हुआ, जहां एक जीजा और साली डूब गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर राहत और बचाव प्रयास शुरू किए गए, लेकिन दोनों को बचाया नहीं जा सका।
दोनों हादसों की खबर से क्षेत्र में मातम पसर गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांवों में शोक का माहौल बना हुआ है। एक ही दिन में दो अलग-अलग जल हादसों में चार लोगों की मौत ने लोगों को झकझोर दिया है।
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। शवों को बाहर निकालने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस दोनों मामलों में आवश्यक जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक जलाशयों में सुरक्षा और सावधानी की कमी कई बार ऐसे हादसों की वजह बनती है। ग्रामीणों ने ऐसे स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग उठाई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डैम और तालाब जैसे जल स्रोतों के आसपास अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है, खासकर जहां गहराई और जोखिम अधिक हो। छोटी सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है।
इन दर्दनाक हादसों ने एक बार फिर जलाशयों के आसपास सुरक्षा और सावधानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने भी लोगों से गहरे पानी वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की अपील की है।
चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा और कपासन में हुए इन हादसों ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। गंभीरी डैम और राजेश्वर तालाब में हुई मौतों से पूरे क्षेत्र में गम का माहौल है।
