महवा में पूर्व विधायक ओमप्रकाश हुड़ला की 'शवयात्रा' निकली, हुड़ला बोले- आज किरोड़ी ने मुझे मजबूत मान लिया है
दौसा जिले के महवा कस्बे में आज उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब महवा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व MLA ओम प्रकाश हुडला के खिलाफ बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करने के लिए मेन मार्केट से एक प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। यह विरोध हुडला के हाल ही में दिए गए एक बयान पर आधारित था।
ओम प्रकाश हुडला ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया था कि किरोड़ी लाल मीणा के पास कुछ प्रॉपर्टी डीलर सड़क की ज़मीन को दुकानों के लिए बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह लगातार इसका विरोध कर रहे थे। हुडला ने यह भी आरोप लगाया कि श्मशान की ज़मीन से गैर-कानूनी तरीके से सड़क बनाने की कोशिश की गई, जिसका उन्होंने विरोध किया। उन्होंने रिहायशी प्लॉट के गैर-कानूनी बंटवारे का भी विरोध किया।
ओम प्रकाश हुडला का यह बयान महवा में प्रतीकात्मक शव यात्रा के बाद आया। उन्होंने कहा कि यह विरोध कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के समर्थकों ने किया था। हुडला ने विरोध के दौरान कई गंभीर आरोप भी लगाए।
"अब तो डॉ. किरोड़ी लाल मीणा भी उन्हें मज़बूत मानते हैं।"
पूर्व MLA ओम प्रकाश हुड़ला ने कहा कि महवा म्युनिसिपल एरिया में उनकी शवयात्रा निकालकर एक सोशल मैसेज देने की कोशिश की गई। उन्होंने इस तरह की कार्रवाई का स्वागत किया। हुड़ला ने कहा कि डेमोक्रेसी में शवयात्रा या पुतला जलाना आमतौर पर पॉलिटिकल रूप से मजबूत नेताओं की होती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब तो डॉ. किरोड़ी लाल मीणा भी उन्हें मजबूत मानते हैं। हुड़ला ने साफ कहा कि विपक्ष में होने के बावजूद वे जनता के हित के लिए मजबूती से लड़ते रहेंगे और न रुकेंगे और न झुकेंगे।
"हुड़ला सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।"
प्रदर्शन के बाद महवा विधानसभा क्षेत्र के सोशल, प्रोफेशनल और इंडस्ट्रियल संगठनों के सदस्यों और हर वर्ग के नागरिकों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन महवा में दिया। इसमें निष्पक्ष जांच और कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि पूर्व MLA ओम प्रकाश हुड्डा सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और बिना किसी ठोस सबूत या कानूनी आदेश के इलाके के जाने-माने नागरिकों, इंडस्ट्रियलिस्ट, दुकानदारों और बिजनेसमैन पर आरोप लगा रहे हैं। लोगों का कहना है कि इससे उनकी सोशल इमेज खराब हो रही है और उन्हें मानसिक परेशानी हो रही है। कानून के तहत इसे मानहानि और उत्पीड़न माना जाता है।
