पूर्व विधायक बलजीत यादव तीन दिन के ईडी रिमांड पर, वीडियो में देखें कोर्ट में बोले – ‘राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा’
बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को जयपुर स्थित विशिष्ट न्यायालय CBI संख्या-3 में पेश किया। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में जांच कर रही ईडी ने अदालत से यादव के रिमांड की मांग की, ताकि उनसे विस्तृत पूछताछ की जा सके। वहीं, बचाव पक्ष के वकीलों ने रिमांड का विरोध करते हुए इसे गैरजरूरी बताया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने बलजीत यादव को तीन दिन के रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 7 फरवरी को होगी।
अदालत में पेशी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। ईडी अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच के लिए यादव से गहन पूछताछ आवश्यक है और कुछ अहम दस्तावेजों व लेन-देन की जानकारी जुटानी है। एजेंसी का कहना है कि रिमांड के दौरान उनसे वित्तीय लेन-देन और संदिग्ध संपत्तियों के संबंध में पूछताछ की जाएगी।
दूसरी ओर, बलजीत यादव के वकीलों ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल पहले ही जांच में सहयोग कर रहे हैं और हिरासत में लेकर पूछताछ की कोई जरूरत नहीं है। बचाव पक्ष ने इसे राजनीतिक दबाव में की जा रही कार्रवाई करार दिया।
विशिष्ट न्यायालय के जज खगेंद्र कुमार शर्मा ने दोनों पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनीं। इसके बाद कोर्ट ने ईडी की मांग को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए यादव को तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया। अब उन्हें निर्धारित अवधि तक ईडी की हिरासत में रखा जाएगा, जहां उनसे पूछताछ की जाएगी।
इससे पहले जब बलजीत यादव को कोर्ट लाया गया, तो उन्होंने मीडिया से बातचीत में खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। यादव ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ झूठे मामले बनाए गए हैं और यह कार्रवाई उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से की जा रही है।
उन्होंने बहरोड़ विधायक जसवंत यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए। बलजीत यादव ने दावा किया कि जसवंत यादव अपने मंदबुद्धि बेटे को विधायक बनाना चाहते हैं और खुद स्टेज-4 कैंसर से जूझ रहे हैं। उनके अनुसार, इसी वजह से उन्हें रास्ते से हटाने के लिए यह पूरा प्रकरण रचा गया है।
फिलहाल ईडी की पूछताछ और आगामी सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। राजनीतिक हलकों में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब यह देखना अहम होगा कि जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं और कोर्ट में मामला किस दिशा में बढ़ता है।
