अलवर में विदेशी मेहमानों ने किसानों के साथ मिलाया हाथ: ट्रैक्टर-थ्रेशर पर गेहूं कुटाई, वीडियो में देंखे लोकगीतों पर झूमे फ्रांसीसी टूरिस्ट
राजस्थान के अलवर जिले में शनिवार को एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब फ्रांस से आए टूरिस्ट्स ने खेतों में किसानों के साथ मिलकर गेहूं की फसल की थ्रेसिंग में हाथ बंटाया। यह दृश्य सिलीसेढ़ क्षेत्र के श्योदानपुरा गांव में देखने को मिला, जहां विदेशी मेहमानों ने ग्रामीण जीवन और खेती के काम को करीब से महसूस किया।जानकारी के अनुसार, किसान चेतराम गुर्जर अपने खेत में ट्रैक्टर-थ्रेशर मशीन से गेहूं की फसल की कुटाई कर रहे थे। इसी दौरान सिलीसेढ़ घूमने आए कुछ फ्रांसीसी टूरिस्ट वहां पहुंच गए। खेत में चल रहे काम, ट्रैक्टर की आवाज और लोकगीतों का माहौल देखकर वे काफी उत्साहित हो गए।
ट्रैक्टर पर लगी डेक मशीन से क्षेत्रीय लोकगीत बज रहे थे, जिससे पूरा वातावरण उत्सव जैसा बन गया। ग्रामीण हिंदी में बातचीत कर रहे थे, लेकिन विदेशी पर्यटक भाषा न समझ पाने के कारण इशारों के जरिए ही संवाद कर पा रहे थे।इसके बावजूद उन्होंने बिना झिझक खेत में उतरकर थ्रेसर से गेहूं कुटाई में किसानों की मदद करनी शुरू कर दी। इस दौरान ग्रामीणों ने इस पूरे दृश्य का वीडियो भी बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
काम के बीच में ही विदेशी टूरिस्ट लोकगीतों की धुन पर थिरकते भी नजर आए। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने पूरे उत्साह के साथ इस ग्रामीण अनुभव का आनंद लिया और खेती की प्रक्रिया को नजदीक से समझने की कोशिश की।स्थानीय किसानों का कहना है कि विदेशी मेहमानों का इस तरह खेतों में आकर काम में हाथ बंटाना उनके लिए एक सुखद और यादगार अनुभव रहा। इससे ग्रामीणों और पर्यटकों के बीच एक अलग ही सांस्कृतिक जुड़ाव देखने को मिला। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि राजस्थान की ग्रामीण संस्कृति, संगीत और मेहमाननवाजी विदेशी पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित करती है।
